LPG संकट से बड़ी राहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बावजूद भारत आएंगे गैस से भरे जहाज, केंद्र ने दी तिरंगे वाले जहाजों को मंजूरी
News India Live, Digital Desk: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने जैसी स्थिति के बावजूद, भारत ने अपनी रसोई गैस (LPG) आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मास्टरस्ट्रोक खेला है। केंद्र सरकार ने भारतीय तिरंगा फहराने वाले दो और विशाल गैस टैंकरों को इस संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने और भारत में गैस लाने की विशेष अनुमति दे दी है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है, जहाँ से दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलमार्ग फिलहाल युद्ध के बादलों से घिरा हुआ है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए यहाँ से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से मंगवाता है, इसलिए यहाँ किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर देश के करोड़ों रसोई घरों के बजट और सप्लाई पर पड़ता है।
भारतीय जहाजों को सुरक्षा और प्राथमिकता
शिपिंग मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच हुए उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद, भारतीय ध्वज वाले जहाजों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। जिन दो नए जहाजों को परमिट दिया गया है, वे कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारी मात्रा में एलपीजी लेकर भारत लौटेंगे। भारतीय जहाजों का उपयोग करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) इन जहाजों की सुरक्षा पर कड़ी नजर रख रही है, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
घरेलू बाजार में नहीं होगी गैस की किल्लत
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस कदम से घरेलू बाजार में एलपीजी की कीमतों में उछाल आने की संभावना कम हो गई है। पिछले कुछ हफ्तों से यह डर बना हुआ था कि अगर सप्लाई लाइन बाधित हुई, तो एलपीजी के दाम आसमान छू सकते हैं। लेकिन 'मिशन मोड' में काम करते हुए भारत ने न केवल नए जहाजों को मंजूरी दी है, बल्कि गैस के वैकल्पिक भंडारों (Strategic Reserves) को भी फुल रखने के निर्देश दिए हैं।
नौसेना की 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत सुरक्षा
समुद्री लुटेरों और युद्ध के खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना का 'ऑपरेशन संकल्प' पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय है। भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को भरोसा दिया गया है कि उनके कार्गो को सुरक्षित भारत पहुंचाया जाएगा। इन दो नए जहाजों के आने से भारत की तात्कालिक एलपीजी मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी और आने वाले त्योहारों के सीजन में गैस की उपलब्धता को लेकर बनी चिंताएं दूर होंगी।