हरियाणा कांग्रेस में बड़ी बगावत राज्यसभा चुनाव में हुड्डा के इन 5 खास विधायकों ने दिया गच्चा, क्या गिर जाएगी सरकार
News India Live, Digital Desk: हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने न केवल सियासी गलियारों को चौंका दिया है, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले हरियाणा में पार्टी के ही 5 विधायकों ने पाला बदलकर 'क्रॉस वोटिंग' कर दी है, जिससे पार्टी को करारा झटका लगा है।
हुड्डा के सिपहसालारों ने ही बदला पाला
हैरानी की बात यह है कि जिन विधायकों पर कांग्रेस और हुड्डा को सबसे ज्यादा भरोसा था, उन्होंने ही ऐन मौके पर बाजी पलट दी। सूत्रों के मुताबिक, ये पांचों विधायक हुड्डा गुट के ही माने जाते थे। इनकी बगावत ने दिल्ली दरबार (कांग्रेस आलाकमान) तक हड़कंप मचा दिया है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार के पीछे मुख्य वजह यही आपसी फूट बताई जा रही है।
इन 5 विधायकों पर गिरी गाज?
रिपोर्ट्स के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस के जिन विधायकों के नाम क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं में सबसे आगे हैं, वे लंबे समय से पार्टी की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे थे। इन विधायकों ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय विपक्षी खेमे या निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इस बगावत ने भाजपा और जजपा गठबंधन को सीधे तौर पर फायदा पहुँचाया है।
अनुशासन का डंडा या डैमेज कंट्रोल?
इस घटना के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा बैकफुट पर हैं। एक तरफ जहां हाईकमान इन विधायकों पर कड़ी कार्रवाई (निष्कासन या सस्पेंशन) की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर गुटबाजी चरम पर पहुंच गई है। किरण चौधरी और रणदीप सुरजेवाला जैसे नेता पहले ही हुड्डा की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं, अब इस क्रॉस वोटिंग ने उन्हें हमला करने का नया मौका दे दिया है।
हरियाणा की राजनीति पर क्या होगा असर?
राज्यसभा चुनाव में हुई इस सेंधमारी का असर आने वाले विधानसभा चुनावों पर भी पड़ना तय है।
पार्टी की छवि को नुकसान: जनता के बीच संदेश गया है कि कांग्रेस एकजुट नहीं है।
समीकरणों में बदलाव: बागी विधायकों का झुकाव अब खुलकर भाजपा की तरफ दिख सकता है।
हुड्डा की चुनौती: हुड्डा के लिए अब अपने बाकी बचे विधायकों को एकजुट रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।