बड़ी खुशखबरी! महिलाओं को बिजनेस के लिए मिलेंगे 2 लाख रुपये, जीविका दीदियों के लिए सरकार ने तैयार किया मेगा प्लान
नई दिल्ली/पटना: महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अगर आप भी अपना खुद का स्वरोजगार शुरू करने का सपना देख रही हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए अब 2 लाख रुपये तक के लोन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिन महिलाओं ने पहले 10,000 रुपये की शुरुआती सहायता राशि से अपना छोटा काम शुरू किया था, अब उन्हें बड़े पैमाने पर बिजनेस विस्तार के लिए सरकार मोटी रकम देने की तैयारी में है।
बिना अनुभव की चिंता छोड़ें, सरकार खुद देगी ट्रेनिंग
अक्सर देखा जाता है कि बैंक से लोन लेने के लिए अनुभव या गारंटी की जरूरत होती है, लेकिन इस योजना की सबसे खास बात इसकी ट्रेनिंग प्रक्रिया है। जो महिलाएं नया स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करना चाहती हैं, उन्हें सरकार खुद प्रशिक्षित करेगी। बताया जा रहा है कि 15 फरवरी से इसके लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप शुरू हो सकते हैं। यह ट्रेनिंग लगभग 7 दिनों की होगी, जिसमें महिलाओं को उनके पसंद के क्षेत्र (फील्ड) के अनुसार बारीकियां सिखाई जाएंगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मार्च महीने तक पात्र महिलाओं के खाते में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
तीन किस्तों में आएगी रकम, आसान होगा भुगतान
योजना की रणनीति के मुताबिक, 2 लाख रुपये की यह धनराशि एकमुश्त न देकर तीन अलग-अलग किस्तों में दी जा सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैसे का सही इस्तेमाल बिजनेस के स्टेप-बाय-स्टेप विकास में हो। हालांकि यह एक ऋण (Loan) है, जिसे वापस करना होगा, लेकिन महिलाओं की सहूलियत के लिए ब्याज दरें बेहद मामूली रखी गई हैं। साथ ही, पुनर्भुगतान की अवधि (Repayment Period) को भी काफी लंबा रखा गया है ताकि किस्तों का बोझ महिलाओं के मासिक बजट पर न पड़े।
आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम
सरकार का मुख्य विजन महिलाओं को सिर्फ घर चलाने तक सीमित न रखकर उन्हें 'बिजनेस वुमन' बनाना है। इस योजना के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त करने का खाका तैयार किया गया है। सोशल मीडिया और विभागीय सूत्रों से मिल रही खबरों की मानें तो इसकी आधिकारिक घोषणा और भुगतान प्रक्रिया मार्च से पहले शुरू हो सकती है। हालांकि, महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें ताकि आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही वे इसका लाभ उठा सकें।