यूपी में वोटर लिस्ट का बड़ा खेल? मऊ में हजारों फर्जी नाम होने का सपा ने लगाया गंभीर आरोप
News India Live, Digital Desk : लोकतंत्र में आपका सबसे बड़ा हथियार क्या है? आपका 'वोट'। लेकिन अगर आपको पता चले कि आपकी जगह कोई और वोट डाल गया, या एक ही आदमी के चार-चार जगह नाम हैं, तो आपको कैसा लगेगा? कुछ ऐसा ही मुद्दा उत्तर प्रदेश के मऊ (Mau) जिले से सामने आ रहा है, जिसने सियासत को गर्मा दिया है।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को शक है कि मऊ विधानसभा सीट की वोटर लिस्ट में कुछ बड़ा "घालमेल" चल रहा है। इसी बात को लेकर सपा का एक प्रतिनिधिमंडल (Delegation) लखनऊ में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिला और सबूतों के साथ अपनी शिकायत दर्ज कराई।
आइये, बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर सपा का आरोप क्या है और वोटर लिस्ट में क्या गड़बड़ियां पाई गई हैं।
एक आदमी, कई जगह नाम?
सपा नेताओं का कहना है कि जब उन्होंने मऊ सदर विधानसभा की नई वोटर लिस्ट चेक की, तो वो हैरान रह गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस लिस्ट में हजारों नाम ऐसे हैं जो या तो फर्जी हैं या फिर डुप्लीकेट हैं।
- मरे हुए लोगों के नाम: आरोप है कि जो लोग इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम अभी भी लिस्ट में बोल रहे हैं।
- शिफ्टेड वोटर: जो लोग बरसों पहले वहां से चले गए, उनका नाम नहीं हटा।
- दोहराव: सबसे बड़ी दिक्कत यह बताई गई है कि एक ही मतदाता का नाम अलग-अलग बूथों पर या उसी बूथ पर दो बार दर्ज है।
सपा का कहना है कि यह "फर्जी वोटिंग" कराने की एक साजिश हो सकती है।
22,000 नामों का दावा!
यह कोई छोटा-मोटा नंबर नहीं है। समाजवादी पार्टी ने दावा किया है कि मऊ नगर पालिका के भीतर करीब 22,586 नाम ऐसे हैं जो संदिग्ध (Suspect) हैं। उन्होंने इसकी पूरी लिस्ट पेन ड्राइव (Pen Drive) और दस्तावेजों के साथ चुनाव अधिकारी को सौंपी है। उनका कहना है कि अगर अभी इसे ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले चुनावों में इसका गलत फायदा उठाया जा सकता है।
जांच की मांग
अखिलेश यादव की पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जो बीएलओ (BLO - बूथ लेवल ऑफिसर) इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनकी भूमिका की भी जांच हो। उनका सीधा कहना है कि मतदाता सूची "एकदम शुद्ध" होनी चाहिए, ताकि लोकतंत्र पर लोगों का भरोसा बना रहे।
प्रशासन क्या करेगा?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सपा नेताओं की बात सुनी है और उन्हें आश्वासन दिया है। अब यह देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन 22 हजार नामों का वैरिफिकेशन कैसे करता है। अगर आरोप सच निकले, तो यह एक बहुत बड़ी प्रशासनिक चूक साबित होगी।
दोस्तों, वोट हमारा हक़ है। अगर आपके क्षेत्र में भी वोटर लिस्ट बन रही है, तो एक बार चेक जरूर कर लें कि आपका नाम सही है या नहीं।