लखनऊ में धर्मांतरण के बड़े खेल का पर्दाफाश, हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसाकर धर्म बदलने का दबाव, आरोपी गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी में एक बार फिर धर्मांतरण का मामला गरमा गया है। मदेयगंज पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाया और फिर उस पर निकाह के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया।
1. पहचान छिपाकर की दोस्ती (Identity Fraud)
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार:
फर्जी नाम: आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की थी। उसने अपना नाम गलत बताया था ताकि लड़की को उसकी असलियत का पता न चले।
भावनात्मक शोषण: लंबे समय तक दोस्ती और प्रेम संबंधों के बहाने उसने युवती का विश्वास जीता।
2. असलियत सामने आने पर प्रताड़ना
जब युवती को आरोपी की असली पहचान और धर्म के बारे में पता चला, तो उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।
जबरन निकाह का दबाव: आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया और दबाव बनाया कि यदि वह उसके साथ रहना चाहती है, तो उसे धर्म परिवर्तन करना होगा।
धमकी और मारपीट: युवती का आरोप है कि मना करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।
3. पुलिस की कार्रवाई और 'एंटी कन्वर्जन लॉ'
मामला पुलिस के पास पहुँचते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई:
FIR दर्ज: पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (Anti-Conversion Law) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी को मदेयगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस मामले के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या गैंग काम कर रहा है।
उत्तर प्रदेश का सख्त कानून (The Law)
उत्तर प्रदेश में जबरन या धोखाधड़ी से धर्मांतरण के खिलाफ बेहद सख्त कानून है:
सजा का प्रावधान: छल, कपट या जबरन धर्मांतरण कराने पर आरोपी को 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
गैर-जमानती अपराध: इस कानून के तहत दर्ज मामले गैर-जमानती होते हैं, जिससे आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिलती।