यूपी की बुजुर्ग महिलाओं को योगी सरकार का तोहफा, रोडवेज बसों में सफर होगा 'मुफ्त', जानें क्या है नया टोकन सिस्टम
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने चुनावी वादे को निभाते हुए 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बस यात्रा फ्री करने की तैयारी पूरी कर ली है। 11 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसके लिए विशेष प्रावधान किए हैं।
1. क्या है नया 'टोकन सिस्टम'? (The Token System)
बजट में इस योजना के लिए 1 लाख रुपये की टोकन धनराशि आवंटित की गई है।
टोकन का मतलब: तकनीकी रूप से 'टोकन व्यवस्था' का अर्थ है कि सरकार ने इस नई योजना को बजट में आधिकारिक स्थान दे दिया है। जब किसी योजना के लिए शुरुआती 'टोकन अमाउंट' रखा जाता है, तो इसका मतलब होता है कि सरकार जल्द ही इसके लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगी और आवश्यकतानुसार और बड़ा फंड (अनुपूरक बजट के माध्यम से) जारी किया जाएगा।
असर: इससे यह साफ हो गया है कि यह योजना अब केवल घोषणा नहीं रही, बल्कि लागू होने की प्रक्रिया में आ गई है।
2. योजना के मुख्य बिंदु (Key Benefits)
लाभार्थी: यह सुविधा केवल 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए होगी।
किन बसों में: यूपी रोडवेज (UPSRTC) की साधारण और संभवतः कुछ अन्य श्रेणियों की बसों में यह सुविधा मिलेगी।
पहचान पत्र: यात्रा के दौरान उम्र के सत्यापन के लिए आधार कार्ड या कोई भी सरकारी आयु प्रमाण पत्र अनिवार्य हो सकता है।
3. कब से लागू होगी योजना?
विभागीय सूत्रों के अनुसार, टोकन व्यवस्था होने के बाद अब परिवहन निगम (UPSRTC) सॉफ्टवेयर और टिकटिंग मशीनों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू करेगा। उम्मीद है कि अगले 2-3 महीनों के भीतर इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
4. रक्षाबंधन पर मिलता रहेगा पुराना लाभ
अभी तक यूपी सरकार हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर सभी उम्र की महिलाओं को 2 से 3 दिनों के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देती रही है। वह व्यवस्था सभी महिलाओं के लिए वैसे ही जारी रहेगी, लेकिन बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह सालों भर चलने वाली सुविधा होगी।
बजट 2026 में महिलाओं के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं:
महिला हॉस्टल: अयोध्या, बरेली, और मुरादाबाद समेत 6 शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए 500-500 बेड के हॉस्टल बनेंगे।
महिला उद्यमी योजना: ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेचने के लिए 100 करोड़ रुपये की नई योजना।
कन्या सुमंगला योजना: बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए मिलने वाली सहायता राशि में वृद्धि की संभावना।