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April 24 2026 10:33 am

अमेरिकी रक्षा विभाग में बड़ा धमाका नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन की तत्काल छुट्टी, होर्मुज संकट के बीच ट्रंप सरकार का फैसला

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News India Live, Digital Desk:  दुनिया भर में मचे युद्ध के शोर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया है। पेंटागन ने नौसेना सचिव (Navy Secretary) जॉन फेलन को उनके पद से 'तत्काल प्रभाव' से हटा दिया है। यह कार्रवाई उस समय की गई है जब ईरान के साथ जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना सबसे बड़ी सैन्य नाकेबंदी को अंजाम दे रही है। फेलन की इस अचानक विदाई ने वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक हलचल तेज कर दी है।

अचानक गिरी गाज: पेंटागन ने नहीं बताया कोई कारण

पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बड़े फेरबदल की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जॉन फेलन अब प्रशासन का हिस्सा नहीं हैं और उनकी जगह हंक काओ (Hung Cao) को कार्यवाहक नौसेना सचिव नियुक्त किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बर्खास्तगी से महज एक दिन पहले फेलन वाशिंगटन में एक वार्षिक नौसेना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी जल्दीबाजी में लिया गया फैसला किसी गहरे विवाद या आंतरिक कलह की ओर इशारा करता है।

होर्मुज की नाकेबंदी और फेलन की विफलता: क्यों हटे जॉन?

सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और राष्ट्रपति ट्रंप नौसेना की वर्तमान कार्यप्रणाली और जहाज निर्माण (Shipbuilding) सुधारों की धीमी गति से नाराज थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ जारी मिशन में नौसेना की रणनीति और जहाजों की आपूर्ति को लेकर फेलन और पेंटागन के शीर्ष अधिकारियों के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद चल रहे थे। चर्चा यह भी है कि फेलन के ऑफिस के खिलाफ एक 'नैतिकता जांच' (Ethics Investigation) भी उनके जाने का एक कारण हो सकती है।

ट्रंप की 'सफाई' मुहिम: सेना के शीर्ष नेतृत्व में मची भगदड़

जॉन फेलन की बर्खास्तगी ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में सैन्य नेतृत्व में किए जा रहे बड़े 'शुद्धिकरण' (Purge) का हिस्सा मानी जा रही है। हाल ही में सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया गया था। विपक्ष और कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है कि युद्ध जैसी स्थिति में इस तरह के बड़े बदलाव सेना के मनोबल और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस का तर्क है कि राष्ट्रपति को अपनी टीम चुनने का पूरा अधिकार है।

हंक काओ संभालेंगे कमान: अब क्या होगी नई रणनीति?

नए कार्यवाहक सचिव हंक काओ के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ईरान की नाकेबंदी को और सख्त बनाना और कैरेबियन सागर में जारी ड्रग्स विरोधी अभियानों को गति देना है। सूत्रों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन अब नौसेना में उन अधिकारियों को आगे ला रहा है जो उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति और सैन्य सुधारों को आक्रामक तरीके से लागू कर सकें। आने वाले दिनों में पेंटागन में कुछ और बड़े इस्तीफे या बर्खास्तगी देखने को मिल सकती हैं।