केरल हाईकोर्ट की विधायक राहुल ममकूटाथिल केस में बड़ी टिप्पणी ,अविवाहित पुरुष के कई सहमति वाले संबंध गलत कैसे?
News India Live, Digital Desk : केरल से विधायक राहुल ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने 'सहमति और संबंधों' को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने सवाल किया कि यदि कोई अविवाहित पुरुष कई व्यक्तियों के साथ सहमति से (Consensual) शारीरिक संबंध बनाता है, तो कानून की नजर में इसमें गलत क्या है।
कांग्रेस के निलंबित विधायक राहुल ममकूटाथिल तिरुवनंतपुरम सत्र न्यायालय द्वारा जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचे थे। उन पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: अभियोजन से पूछे सवाल
जस्टिस कौसर एडप्पागाथ की पीठ ने अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई उन दलीलों पर सवाल उठाए जिनमें आरोपी के "पैटर्न" (कई महिलाओं के साथ संबंध) का हवाला दिया गया था।
अदालत का तर्क: जस्टिस एडप्पागाथ ने कहा, "जब कानून के तहत एक विवाहित व्यक्ति को भी सहमति से संबंध बनाने की अनुमति है, तो एक अविवाहित पुरुष द्वारा कई व्यक्तियों के साथ सहमति से संबंध बनाना अपराध कैसे हो गया? सिर्फ इस आधार पर जमानत कैसे खारिज की जा सकती है?"
सहमति बनाम जबरदस्ती: कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता महिला ने स्वीकार किया है कि वह कथित घटना के बाद आरोपी के साथ दो दिनों तक रही थी और संबंध सहमति से थे। कोर्ट ने अभियोजन से स्पष्ट करने को कहा कि यह कृत्य बलात्कार की श्रेणी में आता है या आपसी सहमति के सेक्स की श्रेणी में।
मामला क्या है? (Key Allegations)
विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ यौन हिंसा के तीन मामले दर्ज हैं। ताजा मामला 27 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंपे गए एक पत्र से शुरू हुआ:
बलात्कार और जबरन गर्भपात: पीड़िता ने विधायक पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने और गर्भपात कराने का आरोप लगाया।
ब्लैकमेलिंग: आरोप है कि विधायक ने सहमति के बिना निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें वायरल करने की धमकी दी।
मानसिक उत्पीड़न: महिला का दावा है कि यह एक बार की घटना नहीं, बल्कि बार-बार होने वाली हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का हिस्सा था।
कोर्ट की कार्यवाही का मुख्य बिंदु
वीडियो रिकॉर्डिंग: जज ने स्पष्ट किया कि "नग्न वीडियो बनाना" एक अलग अपराध हो सकता है, लेकिन अभी सुनवाई धारा 376 (बलात्कार) के तहत हो रही है, जहाँ सहमति सबसे मुख्य पहलू है।
बचाव पक्ष का दावा: राहुल ममकूटाथिल ने स्वीकार किया कि उनके संबंध थे, लेकिन वे पूरी तरह सहमति से थे।
आदेश सुरक्षित: बुधवार को लंबी बहस के बाद केरल हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
राहुल ममकूटाथिल का राजनीतिक करियर
राहुल को पिछले साल अगस्त में इन आरोपों के सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। वे फिलहाल दो अन्य मामलों में पहले ही जमानत पर हैं, जबकि इस तीसरे मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी थी।