Balochistan Conflict : पाकिस्तानी सेना का ऑपरेशन रद-उल-फितना-1 समाप्त, 216 उग्रवादी ढेर, 22 सैनिकों और 36 नागरिकों की मौत
News India Live, Digital Desk: पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने आज गुरुवार को पुष्टि की कि बलूचिस्तान प्रांत के 12 अलग-अलग स्थानों पर किए गए लक्षित अभियानों में 216 उग्रवादी मारे गए हैं। यह कार्रवाई 31 जनवरी को 'बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी' (BLA) द्वारा किए गए सिलसिलेवार बम धमाकों और हमलों के जवाब में शुरू की गई थी।
अभियान के मुख्य आंकड़े और घटनाक्रम:
मारे गए उग्रवादी: सेना का दावा है कि 216 उग्रवादियों को मार गिराया गया है, जिससे उग्रवादी नेटवर्क के कमांड-एंड-कंट्रोल स्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुँचा है।
सैनिकों की शहादत: इस मुठभेड़ और उग्रवादी हमलों में कुल 22 सुरक्षाकर्मी (जिनमें पुलिस और अर्धसैनिक बल शामिल हैं) शहीद हुए हैं।
नागरिक हताहत: उग्रवादियों द्वारा किए गए हमलों में 36 नागरिकों की जान गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
हथियारों की बरामदगी: सेना ने दावा किया है कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में "विदेशी मूल" के आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
BLA के हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह पूरा संघर्ष 31 जनवरी 2026 को तब शुरू हुआ जब बीएलए (BLA) ने क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग और नुश्की जैसे जिलों में पुलिस थानों, जेलों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।
संयुक्त राष्ट्र की निंदा: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बलूचिस्तान में हुए इन "कायरतापूर्ण" हमलों की कड़ी निंदा की है और उग्रवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।
विदेशी हस्तक्षेप का आरोप: पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और सेना ने इन हमलों के पीछे "विदेशी फैसिलिटेशन" (बाहरी मदद) होने का संदेह जताया है।