Big Bank Rule Change 2026: SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा के करोड़ों ग्राहकों की मौज! मिनिमम बैलेंस के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, अब नहीं कटेगा भारी जुर्माना

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नई दिल्ली। देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों—भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)—ने वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही अपने बचत खाताधारकों को बड़ी राहत दी है। लंबे समय से ग्राहकों के लिए सिरदर्द बने 'न्यूनतम बैलेंस' (Minimum Balance) के नियमों को अब पूरी तरह से बदल दिया गया है। नए ढांचे के तहत न केवल न्यूनतम सीमा (Limit) को कम किया गया है, बल्कि नियमों को अधिक पारदर्शी और ग्राहक-अनुकूल बनाया गया है। यह बदलाव विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों, पेंशनभोगियों और ग्रामीण क्षेत्र के खाताधारकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

दंड शुल्क में भारी कटौती: घरेलू बजट को मिलेगी राहत

अब तक तय सीमा से कम बैलेंस होने पर बैंक जो भारी जुर्माना वसूलते थे, उससे घरेलू बजट बिगड़ जाता था। 2026 से लागू नए प्रावधानों के तहत दंड शुल्क (Penalty Charges) में भारी कटौती की गई है। बैंकों का लक्ष्य अब जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़े रखना है। इस लचीली व्यवस्था से खाताधारकों को अनावश्यक वित्तीय बोझ से मुक्ति मिलेगी और उनकी जमा राशि अधिक सुरक्षित रहेगी।

[Image showing comparison of New vs Old Minimum Balance Rules for SBI, PNB, and BOB]

पेंशनभोगियों और छात्रों के लिए विशेष 'जीरो-टेंशन' व्यवस्था

नए नियमों में समाज के दो महत्वपूर्ण वर्गों पर विशेष ध्यान दिया गया है:

वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनभोगी: सीमित आय वाले बुजुर्गों के लिए न्यूनतम बैलेंस की सीमा को बेहद कम रखा गया है। अब उन्हें पेंशन आने में देरी या कम बैलेंस होने पर बैंक शुल्क की चिंता नहीं करनी होगी।

छात्र खाते: युवाओं को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए छात्र खातों में न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता को लगभग समाप्त या बहुत कम कर दिया गया है। इससे छात्र बिना किसी बोझ के बैंकिंग सेवाओं का अनुभव ले सकेंगे।

डिजिटल इंडिया: UPI और मोबाइल बैंकिंग के अनुरूप बदलाव

बदलते दौर में जब UPI और डिजिटल भुगतान का बोलबाला है, बैंकों ने अपने नियमों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा है। संशोधित नियम अब उन खातों को भी सक्रिय श्रेणी में रखेंगे जो नियमित रूप से डिजिटल लेनदेन करते हैं, भले ही उनमें औसत बैलेंस थोड़ा कम हो। मोबाइल ऐप और SMS अलर्ट के माध्यम से ग्राहक अब वास्तविक समय (Real-time) में अपने बैलेंस की निगरानी कर सकेंगे, जिससे अनजाने में होने वाली गलतियों से बचा जा सकेगा।

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को बड़ा फायदा

ग्रामीण भारत में आय की अनियमितता को देखते हुए SBI, PNB और BOB ने वहां के लिए नियमों को अधिक सरल बनाया है। न्यूनतम बैलेंस की सीमा को ग्रामीण क्षेत्रों में काफी नीचे रखा गया है ताकि किसान और मजदूर वर्ग औपचारिक बैंकिंग प्रणाली का हिस्सा बने रहें। इससे 'वित्तीय समावेशन' (Financial Inclusion) के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

2026 के इन नए नियमों का पूरा लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

नोटिफिकेशन पर नजर: अपने बैंक के मोबाइल ऐप को अपडेट रखें और SMS अलर्ट को सक्रिय रखें।

नियमों की स्पष्टता: अपने संबंधित बैंक (SBI, PNB या BOB) की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से अपने खाते की श्रेणी के अनुसार सटीक सीमा की जानकारी प्राप्त करें।

डिजिटल टूल्स: बैलेंस चेक करने के लिए पासबुक प्रिंटिंग के बजाय डिजिटल टूल्स का उपयोग करें ताकि आप हर समय अपडेट रहें।