भाभी जी घर पर हैं के साथ निरहुआ का बड़ा धमाका साउथ जैसा क्यों नहीं बन पाया भोजपुरी सिनेमा? सुपरस्टार ने खोली पोल

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News India Live, Digital Desk : भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आए हैं। 6 फरवरी को उनकी बहुप्रयोजित फिल्म 'भाभी जी घर पर हैं' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। लेकिन फिल्म के प्रमोशन के बीच निरहुआ ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की उस 'कड़वी सच्चाई' पर बात की है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। उन्होंने सीधे तौर पर बताया कि आखिर क्यों भोजपुरी सिनेमा, साउथ (तेलुगु और तमिल) की तरह 'पैन इंडिया' लेवल पर स्केल-अप नहीं कर पाया।

निरहुआ का खुलासा: "कंटेंट नहीं, ये है असली विलेन"

निरहुआ ने इंटरव्यू में साफ किया कि भोजपुरी और साउथ सिनेमा के बीच का अंतर केवल भाषा का नहीं, बल्कि डिस्ट्रीब्यूशन और सिनेमाघरों का है। उनके अनुसार:

थिएटर्स की कमी: भोजपुरी क्षेत्रों (बिहार-यूपी) में सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर तेजी से बंद हुए हैं, जबकि साउथ में सरकार और इंडस्ट्री ने मिलकर थिएटर्स का जाल बिछाया है।

बजट का गणित: जब फिल्म को दिखाने के लिए पर्याप्त स्क्रीन ही नहीं होंगी, तो प्रोड्यूसर बड़ा बजट लगाने से डरता है।

पाइरेसी का दंश: इंटरनेट पर फिल्मों का मुफ्त लीक होना इस इंडस्ट्री की कमर तोड़ रहा है।

'भाभी जी घर पर हैं': क्या है फिल्म में खास?

निरहुआ की यह फिल्म लोकप्रिय टीवी शो से प्रेरित जरूर लग सकती है, लेकिन इसकी कहानी और ट्रीटमेंट पूरी तरह से भोजपुरी अंदाज में है।

कास्ट: फिल्म में निरहुआ के साथ भोजपुरी जगत की नामी अभिनेत्रियां नजर आ रही हैं।

कॉमेडी का तड़का: फिल्म में भरपूर हास्य और पारिवारिक ड्रामा है, जिसे 'क्लीन एंटरटेनमेंट' की श्रेणी में रखा गया है।

सामाजिक संदेश: हंसी-मजाक के बीच फिल्म एक संदेश भी देती है।

साउथ बनाम भोजपुरी: क्या बदल सकता है गेम?

निरहुआ का मानना है कि भोजपुरी सिनेमा में भी 'पुष्पा' या 'कांतारा' जैसा जादू पैदा करने की ताकत है, बशर्ते यहां के मेकर्स केवल 'शॉर्टकट' (अश्लीलता या सस्ते गाने) के बजाय कहानी और तकनीक पर निवेश करें। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भोजपुरी फिल्मों को भी सब्सिडी के साथ-साथ बेहतर स्क्रीन काउंट मिलना चाहिए।

6 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक

फिल्म 'भाभी जी घर पर हैं' को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है। बिहार और यूपी के कई केंद्रों पर फिल्म के मॉर्निंग शो हाउसफुल देखे गए। निरहुआ को उम्मीद है कि यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा के प्रति लोगों की धारणा को बदलेगी और इसे मुख्यधारा में वापस लाएगी।