हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है चुकंदर-गाजर का जूस इन 5 समस्याओं में भूलकर भी न पिएं, सेहत को होगा बड़ा नुकसान

Post

News India Live, Digital Desk : हम अक्सर ग्लोइंग स्किन और हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए चुकंदर और गाजर के जूस का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसमें मौजूद हाई ऑक्सालेट और नेचुरल शुगर कुछ लोगों के लिए जहर समान हो सकती है? अगर आप नीचे दी गई समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इस जूस को डाइट में शामिल करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

इन लोगों को रहना चाहिए दूर (Who Should Avoid It)

किडनी स्टोन (पथरी) के मरीज: चुकंदर में ऑक्सालेट (Oxalate) की मात्रा बहुत अधिक होती है। यदि आपको पहले से किडनी स्टोन की समस्या है या आप इसके प्रति संवेदनशील हैं, तो यह जूस पथरी के आकार को बढ़ा सकता है या नई पथरी बना सकता है।

डायबिटीज (मधुमेह) के रोगी: गाजर और चुकंदर दोनों ही प्राकृतिक रूप से मीठे होते हैं और इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी अधिक होता है। जूस निकालने पर इनमें से फाइबर निकल जाता है, जिससे इसे पीने के तुरंत बाद ब्लड शुगर लेवल तेजी से स्पाइक (बढ़) कर सकता है।

लो ब्लड प्रेशर के मरीज: चुकंदर में नाइट्रेट्स होते हैं जो रक्त वाहिकाओं को फैलाते हैं और ब्लड प्रेशर को कम करते हैं। जिन लोगों का बीपी पहले से ही कम (Low BP) रहता है, उन्हें इसे पीने से चक्कर आने या कमजोरी महसूस होने की समस्या हो सकती है।

पाचन संबंधी समस्याएं (IBS): अगर आपको बार-बार गैस, ब्लोटिंग या पेट में ऐंठन रहती है, तो चुकंदर का जूस इसे बढ़ा सकता है। इसमें मौजूद कंपाउंड्स संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों में पेट खराब कर सकते हैं।

एलर्जी और स्किन रैशेज: कुछ लोगों को चुकंदर या गाजर से एलर्जी होती है। इसके सेवन से त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली या बुखार जैसी समस्या हो सकती है। इसे Beeturia भी कहा जाता है, जिसमें यूरिन का रंग गुलाबी या लाल हो जाता है (हालांकि यह हानिकारक नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है)।

यदि पीना ही है, तो इन बातों का रखें ध्यान:

मात्रा का ध्यान: दिन भर में एक छोटा गिलास (लगभग 150-200ml) ही पिएं।

सब्जियां भी मिलाएं: केवल चुकंदर-गाजर के बजाय इसमें खीरा या लौकी मिलाएं ताकि शुगर और ऑक्सालेट की मात्रा संतुलित रहे।

खाली पेट न पिएं: इसे मिड-मॉर्निंग स्नैक के रूप में लेना बेहतर है।