बी.एड और डीएलएड वाले हो जाएं तैयार ,स्कूल की कमान अब काबिल हाथों में, BPSC का बड़ा अपडेट
News India Live, Digital Desk: अगर आप बिहार के सरकारी स्कूलों में एक शिक्षक हैं या शिक्षक बनने की राह देख रहे हैं, तो हम सभी जानते हैं कि असली सपना सिर्फ क्लासरूम में पढ़ाना नहीं, बल्कि एक दिन स्कूल का 'हेडमास्टर' या 'प्रिंसिपल' बनना होता है। वो जिम्मेदारी और वो रुतबा हर किसी को आकर्षित करता है।
हाल ही में, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने इस सपने को पूरा करने का रास्ता और भी साफ और थोड़ा सख्त कर दिया है। अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ पुराने तजुर्बे (Experience) के दम पर कुर्सी मिल जाएगी, तो आपको रुककर ये नए नियम समझने होंगे।
आइए, बिल्कुल आसान शब्दों में जानते हैं कि बीपीएससी ने मेरिट लिस्ट और डिग्रियों को लेकर क्या कहा है।
सिर्फ अनुभव से काम नहीं चलेगा, अब 'मैरिट' बोलेगी
पुरानी बातें भूल जाइए। अब हेडमास्टर बनने के लिए सबसे जरूरी चीज है आपकी Merit List। आसान भाषा में कहें तो, जो लिखित परीक्षा (Written Exam) होगी, उसमें आप कितने नंबर लाते हैं, वही तय करेगा कि आप इंचार्ज या प्रिंसिपल बनेंगे या नहीं।
बीपीएससी ने यह साफ कर दिया है कि चयन का मुख्य आधार आपके मार्क्स होंगे। इसका मतलब है कि मुकाबला कड़ा होगा और जो पढ़ाई में ज्यादा तेज होगा, बाजी वही मारेगा। यह उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है जो काबिल हैं लेकिन जिन्हें डर था कि कहीं सीनियरटी (Seniority) के चक्कर में वे पीछे न रह जाएं।
ये दो डिग्रियां हैं तो ही बात बनेगी
अब बात करते हैं उस 'पासपोर्ट' की जिसके बिना आप इस रेस में दौड़ ही नहीं सकते। BPSC और शिक्षा विभाग के नियमों के मुताबिक, हेडमास्टर या प्रधान शिक्षक बनने के लिए आपके पास B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन) या D.El.Ed (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) की डिग्री होना अनिवार्य (Mandatory) है।
ऐसा नहीं है कि आप पढ़ा रहे हैं तो काफी है। आपके पास प्रोफेशनल ट्रेनिंग का प्रमाण यानी ये डिग्रियां होनी चाहिए। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि स्कूल की बागडोर संभालने वाला व्यक्ति न केवल एक अच्छा प्रशासक हो, बल्कि उसे बच्चों को पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों (Pedagogy) का भी पूरा ज्ञान हो।
तो तैयारी कैसे करें?
सीधी सी बात है दोस्तों, अब जुगाड़ या पैरवी का जमाना गया। अगर आपको स्कूल का 'हेड' बनना है, तो अपनी किताबों से दोस्ती और गहरी करनी होगी। मेरिट लिस्ट में ऊपर आने के लिए एक-एक नंबर की लड़ाई होगी।
अपने डॉक्यूमेंट्स, खासकर B.Ed और D.El.Ed के सर्टिफिकेट तैयार रखें और उससे भी ज्यादा, अपने दिमाग को एग्जाम के लिए तैयार करें। बिहार की शिक्षा व्यवस्था बदल रही है, और यह बदलाव काबिल लोगों को आगे लाने के लिए है।
तो देर किस बात की? अभी से लक्ष्य बना लीजिये कि मेरिट लिस्ट में अपना नाम सबसे ऊपर देखना है!