पेट की समस्याएं हों या कमजोर मांसपेशियां, एक आकर्षण धनुरासन से दूर होंगी ये 3 परेशानियां
News India Live, Digital Desk : योग में कुछ आसन ऐसे होते हैं जो दिखने में बड़े स्टाइलिश लगते हैं और उनका असर भी उतना ही गहरा होता है। इन्हीं में से एक है आकर्षण धनुरासन (जिसे अंग्रेजी में Archer Pose भी कहते हैं)।
जरा सोचिए, जैसे एक तीरंदाज अपने धनुष की प्रत्यंचा (Dori) को कान तक खींचता है और लक्ष्य साधता है, बिल्कुल वैसे ही इस आसन में आपको अपने पैर के अंगूठे को कान तक खींचना होता है। यह सुनने में थोड़ा चैलेंजिंग लग सकता है, लेकिन अगर आप इसे धीरे-धीरे प्रैक्टिस करें, तो यह आपके शरीर की कायापलट कर सकता है।
आखिर यह आसन इतना खास क्यों है?
अक्सर हम काम करते-करते या बैठे-बैठे अकड़ जाते हैं। हमारे हिप्स (Hips) और पैरों की नसें जाम होने लगती हैं। यह आसन शरीर को खोलने (Body Opening) का काम करता है।
1. लोहे जैसी मांसपेशियां
जब आप अपने पैर को कान तक खींचते हैं, तो आपकी जांघों, पिंडलियों और हाथों की मांसपेशियों पर बहुत अच्छा खिंचाव पड़ता है। यह उन्हें सिर्फ लचीला ही नहीं, बल्कि अंदर से मजबूत बनाता है। अगर आप नियमित अभ्यास करते हैं, तो जिम जाए बिना आपकी 'Core Strength' बढ़ने लगती है।
2. पेट और पाचन के लिए रामबाण
बहुत से लोग पेट की गड़बड़ी और कब्ज से परेशान रहते हैं। इस आसन को करने से पेट के अंगों की अच्छी खासी मसाज हो जाती है। यह आंतों की सक्रियता बढ़ाता है, जिससे भूख भी अच्छी लगती है और खाना भी सही पचता है।
3. अर्जुन जैसी एकाग्रता (Focus)
तीरंदाज को क्या चाहिए? सटीक निशाना! यह आसन न सिर्फ शरीर के लिए, बल्कि दिमाग के लिए भी है। इसे करते वक्त आपको बैलेंस बनाना पड़ता है, जिससे आपका कॉन्संट्रेशन पावर (एकाग्रता) बढ़ता है। दिमाग शांत होता है और फालतू के विचार दूर होते हैं।
किसे करना चाहिए और किसे बचना चाहिए?
अगर आप बिगिनर (Beginner) हैं, तो जबरदस्ती पैर को कान तक खींचने की कोशिश न करें, वरना नस खिंच सकती है। शुरुआत धीरे-धीरे करें। जिन्हें स्लिप डिस्क या कमर में बहुत तेज दर्द हो, वे इसे डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह के बिना न करें।
तो दोस्तों, अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे तक आपके हाथ-पैर सलामत रहें और शरीर में 'फ्लैक्सिबिलिटी' बनी रहे, तो कल सुबह से ही 'धनुष' बनने की प्रैक्टिस शुरू कर दीजिये!