सावधान! वजन घटाने वाली 'Magic Pill' कहीं शरीर को खोखला तो नहीं कर रही? GLP-1 थेरेपी के फायदों के बीच चौंकाने वाला खुलासा
भारत में मोटापा (Obesity) और डायबिटीज के मरीजों के लिए GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1) थेरेपी किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) और टिर्जेपाटाइड (Tirzepatide) जैसी दवाओं ने वजन घटाने की जंग में नई उम्मीद जगाई है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि तेजी से चर्बी गलाने वाली यह थेरेपी आपके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी भी कर सकती है? हाल ही में दिल्ली के अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञों ने एक ऐसा मामला साझा किया है, जिसने इस 'चमत्कारी' इलाज के दूसरे पहलू को उजागर कर दिया है।
केस स्टडी: जब स्कूल टीचर की कम हुई भूख, पर बढ़ गई मुश्किलें
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के एंडोक्रिनोलॉजी सलाहकार डॉ. सप्तर्षि भट्टाचार्य ने एक 42 वर्षीय स्कूल टीचर का उदाहरण दिया। महिला ने टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे को कंट्रोल करने के लिए GLP-1 थेरेपी शुरू की थी। कुछ ही महीनों में उनका शुगर लेवल सामान्य हो गया और वजन भी घटा, लेकिन इसके साथ ही उन्हें भयंकर थकान और हेयर फॉल (बाल झड़ना) की समस्या होने लगी। जांच में सामने आया कि उनके शरीर में विटामिन B12, विटामिन D और आयरन की खतरनाक स्तर तक कमी हो गई थी।
GLP-1 थेरेपी कैसे काम करती है और क्या हैं इसके जोखिम?
यह थेरेपी शरीर में कुदरती हार्मोन की नकल करती है, जिससे इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है और पेट खाली होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। नतीजा यह होता है कि व्यक्ति को भूख कम लगती है और वह कम खाना खाता है। लेकिन भारतीय खानपान, जिसमें पहले से ही कार्बोहाइड्रेट (चावल, आलू, गेहूं) की अधिकता और प्रोटीन की कमी होती है, वहां यह थेरेपी 'साइलेंट किलर' साबित हो सकती है। अगर आप कम खा रहे हैं और वह खाना भी पोषक तत्वों से भरपूर नहीं है, तो शरीर कुपोषण का शिकार होने लगता है।
इन 5 पोषक तत्वों की हो सकती है भारी कमी
डॉक्टरों के अनुसार, GLP-1 थेरेपी लेने वाले मरीजों को निम्नलिखित कमियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए:
विटामिन B12: शाकाहारियों में इसकी कमी पहले से होती है, जो इस थेरेपी से और बढ़ सकती है।
विटामिन D: मोटापा कम होने के दौरान फैट-सॉल्युबल विटामिन्स का अवशोषण प्रभावित होता है।
आयरन और फोलेट: इनकी कमी से एनीमिया और कमजोरी महसूस होती है।
कैल्शियम: हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी यह मिनरल भी कम हो सकता है।
प्रोटीन: भूख कम लगने पर लोग हल्का खाना खाते हैं, जिससे मसल्स लॉस (मांसपेशियों का नुकसान) होने लगता है।
सुरक्षित तरीके से कैसे घटाएं वजन? एक्सपर्ट की सलाह
अगर आप भी यह थेरेपी ले रहे हैं या लेने की योजना बना रहे हैं, तो केवल वजन कम करने पर नहीं, बल्कि 'न्यूट्रिएंट डेंसिटी' यानी पोषक तत्वों से भरपूर भोजन पर ध्यान दें। डॉ. भट्टाचार्य सुझाव देते हैं कि डाइट में दही, पनीर, दालें, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियों को प्राथमिकता दें। छोटे-छोटे लेकिन संतुलित मील लें ताकि शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती रहे।
डॉक्टर की भूमिका और सप्लीमेंट का महत्व
GLP-1 थेरेपी शुरू करने से पहले और उसके दौरान डॉक्टर की निगरानी अनिवार्य है। बिना डॉक्टरी सलाह के विटामिन B12 या विटामिन D के सप्लीमेंट्स न लें। एक अच्छे एंडोक्रिनोलॉजिस्ट का काम केवल दवा लिखना नहीं, बल्कि मरीज को पोषण के प्रति जागरूक करना भी है। याद रखें, पतला शरीर तभी अच्छा लगता है जब वह अंदर से स्वस्थ और ऊर्जावान हो।