IPL 2026 में BCCI की ड्रेस कोड वाली सख्ती प्राइज सेरेमनी में स्लीवलेस जर्सी और फ्लॉपी हैट पर लगा बैन
News India Live, Digital Desk : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पूरी तरह से अनुशासन के मूड में नजर आ रहा है। बोर्ड ने सभी 10 फ्रेंचाइजी टीमों के लिए नई और सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) जारी की हैं। इस बार खिलाड़ियों के खेल के साथ-साथ उनके 'लुक' और 'अनुशासन' पर भी पैनी नजर रहेगी। नए नियमों के मुताबिक, अब मैच के बाद होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह (Post-Match Presentation) के दौरान खिलाड़ी स्लीवलेस जर्सी (बिना आस्तीन वाली) और फ्लॉपी हैट (ढीली-ढाली टोपियां) नहीं पहन पाएंगे। बीसीसीआई का यह कदम लीग की प्रोफेशनल इमेज को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
1. प्रजेंटेशन में 'प्रोफेशनल लुक' अनिवार्य
बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि पोस्ट-मैच प्रजेंटेशन एक आधिकारिक समारोह है जिसे दुनिया भर में करोड़ों लोग देखते हैं। अक्सर खिलाड़ी मैच के बाद रिलैक्स होने के लिए स्लीवलेस किट या फ्लॉपी हैट पहनकर आ जाते थे, जिसे अब 'अनप्रोफेशनल' माना गया है।
नियम: खिलाड़ियों को केवल पूरी या आधी आस्तीन वाली आधिकारिक टीम जर्सी और स्टैंडर्ड कैप में ही प्रजेंटेशन में आने की अनुमति होगी।
उद्देश्य: खिलाड़ियों के लुक में एकरूपता लाना और ब्रॉडकास्ट के दौरान स्पॉन्सर्स के लोगो (जो अक्सर आस्तीन पर होते हैं) की विजिबिलिटी सुनिश्चित करना।
2. पहली गलती पर चेतावनी, दूसरी पर सीधा जुर्माना
बीसीसीआई ने इस नियम को लागू करने के लिए दंड का प्रावधान भी रखा है। यदि कोई खिलाड़ी पहली बार इस ड्रेस कोड का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे आधिकारिक चेतावनी (Warning) दी जाएगी। लेकिन, यदि वही गलती दूसरी बार दोहराई जाती है, तो खिलाड़ी पर वित्तीय जुर्माना (Financial Penalty) लगाया जाएगा। यह जुर्माना खिलाड़ी की मैच फीस का एक हिस्सा हो सकता है।
3. 'ऑरेंज' और 'पर्पल' कैप के लिए भी निर्देश
ड्रेस कोड के साथ-साथ कैप (टोपी) को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। ऑरेंज और पर्पल कैप धारकों को मैदान पर अनिवार्य रूप से अपनी कैप पहननी होगी। यदि कोई खिलाड़ी टोपी पहनना पसंद नहीं करता, तो भी उसे कम से कम शुरुआती दो ओवरों तक कैप पहननी होगी ताकि ब्रॉडकास्टिंग कैमरे उसे कैप्चर कर सकें।
4. ड्रेसिंग रूम और ट्रैवलिंग के अन्य सख्त नियम
ड्रेस कोड के अलावा 2026 सीजन के लिए कुछ और बड़े बदलाव किए गए हैं:
मैच डे प्रैक्टिस बैन: अब मैच वाले दिन मुख्य मैदान पर कोई भी टीम अभ्यास नहीं कर पाएगी ताकि पिच को सुरक्षित रखा जा सके।
टीम बस अनिवार्य: खिलाड़ियों के लिए होटल से स्टेडियम तक टीम बस में ही सफर करना अनिवार्य होगा। परिवार के सदस्यों को अलग वाहन से जाना होगा।
नो फैमिली इन ड्रेसिंग रूम: मैच और प्रैक्टिस डे, दोनों ही समय ड्रेसिंग रूम में परिवार के सदस्यों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
एक्सपर्ट्स की राय: "स्पॉन्सरशिप का गणित"
खेल जगत के जानकारों का मानना है कि स्लीवलेस जर्सी पर बैन लगाने के पीछे असली वजह स्पॉन्सरशिप है। आईपीएल टीमों की जर्सी की आस्तीन (Sleeves) पर बड़े ब्रांड्स के लोगो होते हैं। जब खिलाड़ी स्लीवलेस जर्सी पहनता है, तो वे विज्ञापन छिप जाते हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर और स्पॉन्सर्स को नुकसान होता है। बीसीसीआई के इस फैसले से लीग की कमर्शियल वैल्यू को मजबूती मिलेगी।