रायगढ़ में अडानी प्रोजेक्ट पर संग्राम, जानिए क्यों अपनी ही जमीन बचाने के लिए लड़ रहे हैं लोग

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News India Live, Digital Desk: हमारी जमीन हमारी मां है, हमारी रोजी-रोटी इसी से चलती है. हम जान दे देंगे, लेकिन अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देंगे." यह कहना है छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के उन सैकड़ों गांव वालों का, जो अडानी समूह के एक प्रोजेक्ट के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने कंपनी के काम को मौके पर ही रुकवा दिया.

यह पूरा मामला रायगढ़ के घरघोड़ा ब्लॉक के बड़े हल्दवानी गांव का है. यहां अडानी समूह द्वारा एक रेल कॉरिडोर बनाया जा रहा है. शुक्रवार को जब कंपनी के लोग अपनी मशीनें लेकर जमीन पर बाड़ लगाने और सफाई का काम करने पहुंचे, तो खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई.

बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं महिलाएं

जैसे ही गांव वालों को पता चला कि उनकी जमीनों पर काम शुरू हो गया है, सैकड़ों की संख्या में लोग, खासकर महिलाएं, एकजुट होकर मौके पर पहुंच गईं. उन्होंने काम कर रही मशीनों और बुलडोजर को घेर लिया और जमकर नारेबाजी करने लगीं. महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था. उनका कहना था कि कंपनी बिना हमारी इजाजत और बिना पूरा मुआवजा दिए, जबरदस्ती हमारी जमीन छीनने की कोशिश कर रही है.

माहौल इतना गरमा गया कि कंपनी के लोगों को अपना काम बीच में ही रोककर वहां से लौटना पड़ा.

क्या है गांव वालों की शिकायत?

विरोध कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर यह रेल लाइन बिछाई जा रही है, वह उनकी पुश्तैनी खेती की जमीन है. कई परिवारों के पास तो उस जमीन के वन अधिकार पट्टे भी हैं, जो साबित करते हैं कि उस जमीन पर उनका कानूनी हक है.

एक ग्रामीण ने बताया, "यह कंपनी और प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे. यह हमारी खेती की जमीन है. अगर यही चली गई, तो हम और हमारे बच्चे क्या खाएंगे? हम पीढ़ियों से इस पर खेती करते आ रहे हैं." लोगों का कहना है कि उन्हें न तो इस प्रोजेक्ट के बारे में ठीक से बताया गया और न ही उनकी जमीन के बदले में कोई उचित मुआवजा दिया गया है.

फिलहाल, गांव वालों के कड़े विरोध के बाद काम पूरी तरह से रुका हुआ है. ग्रामीण अपनी जमीन पर डेरा डाले हुए हैं और दिन-रात पहरा दे रहे हैं. उनका संकल्प साफ है - जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे किसी भी कीमत पर यह काम नहीं होने देंगे. यह मामला अब जमीन के हक और विकास के मॉडल पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा ہے.