Basant Panchami 2026 : 12 साल बाद बन रहा है यह महायोत,इन राशियों की चमकने वाली है किस्मत, देखिये पूजा का मुहूर्त

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News India Live, Digital Desk:  जब ठंड का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है और पेड़ों पर नई कोंपले आने लगती हैं, तो समझ जाइये कि बसंत आ गया है। साल 2026 की बसंत पंचमी बेहद खास होने वाली है। यह सिर्फ पूजा-पाठ का दिन नहीं है, बल्कि इस बार आसमान में कुछ ऐसी हलचल (ग्रहों की स्थिति) हो रही है जिसे ज्योतिष की भाषा में 'राजयोग' कहा जा रहा है।

राजयोग: इस बार क्यों खास है बसंत पंचमी?
अक्सर लोग सिर्फ मुहूर्त देखकर पूजा कर लेते हैं, लेकिन इस साल सरस्वती पूजा पर कई सालों बाद कुछ दुर्लभ योग बन रहे हैं। ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि इन योगों (जैसे शश योग या गजकेसरी) के कारण उन छात्रों और प्रोफेशनल्स को बड़ा फायदा मिल सकता है जो लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या एग्जाम के रिजल्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। सरल भाषा में कहें, तो इस बार सितारों की चाल आपके 'भाग्य' का साथ देने के मूड में है।

पूजा का शुभ मुहूर्त: जब माँ सरस्वती सबसे करीब होंगी
किसी भी शुभ काम के लिए समय का बड़ा महत्व है। बसंत पंचमी के दिन 'पंचमी तिथि' के समय ही माँ शारदे का पूजन करना सबसे फलदायी होता है। 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार फरवरी के पहले हफ्ते (फरवरी के आसपास, पंचांग अनुसार तारीख देखें) में मनाया जाएगा।

पूजा का सबसे बढ़िया समय सुबह का होता है, जब हमारा मन और वातावरण दोनों शुद्ध होते हैं। सुबह करीब 7:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे के बीच का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम है।

पूजा की वो सरल विधि जिससे प्रसन्न होंगी माँ सरस्वती
अक्सर लोग बहुत तामझाम करते हैं, लेकिन श्रद्धा ही सब कुछ है। यहाँ एक आसान तरीका है:

  1. पीला रंग अपनाएं: पीले फूल, पीले कपड़े और पीले पकवान—यह रंग ऊर्जा का प्रतीक है और माँ सरस्वती को बेहद प्रिय है।
  2. किताबें और पेन: सरस्वती माँ सिर्फ मूर्ति में नहीं, ज्ञान में बसती हैं। पूजा की थाली में अपनी एक किताब और पेन ज़रूर रखें और उसका आशीर्वाद लें।
  3. संगीत और स्वर: अगर आपको गाना या कोई इंस्ट्रूमेंट बजाना पसंद है, तो आज माँ के सामने अपनी कला का प्रदर्शन ज़रूर करें।
  4. मंत्र का सहारा: 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' का जाप करें, इससे एकाग्रता बढ़ती है।

छात्रों के लिए छोटी सी टिप:
अगर आपके घर में बच्चे हैं जो पढ़ाई में मन नहीं लगा पाते, तो इस दिन उनसे पीले रंग का कोई फल (जैसे केला या पपीता) जरूर दान कराएं। ऐसा माना जाता है कि इससे बुद्धि कुशाग्र होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

बसंत पंचमी का यह त्योहार आप सभी के जीवन में खुशियां, नया ज्ञान और समृद्धि लेकर आए, यही शुभकामना है। माँ सरस्वती का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे!