Basant Panchami 2026: सरस्वती पूजा के साथ कामदेव को पूजने का गुप्त रहस्य ,क्या आपने कभी सोचा है इसके पीछे का कारण?
News India Live, Digital Desk: सर्दियों की विदाई हो रही होती है और हवा में एक नई सी ताजगी और खूशबू घुलने लगती है यही तो बसंत की दस्तक है। साल 2026 में हम सभी बहुत जल्द वसंत पंचमी मनाने जा रहे हैं। जब भी वसंत पंचमी का नाम आता है, हमारे जेहन में पीले कपड़े, मां सरस्वती की पूजा और स्कूल-कॉलेजों की रौनक घूमने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन का नाता सिर्फ़ 'किताबों' और 'कलम' से नहीं, बल्कि 'प्यार' और 'सौंदर्य' से भी है?
क्यों मनाई जाती है सरस्वती पूजा?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, आज ही के दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि में ध्वनि और बुद्धि भरने के लिए देवी सरस्वती को प्रकट किया था। इसीलिए स्टूडेंट्स और कला के शौकीनों के लिए यह सबसे बड़ा दिन है। लोग मां शारदे से विद्या और संगीत का वरदान मांगते हैं।
कामदेव और रति की पूजा का 'अनसुना' रहस्य
यहीं पर कहानी में एक दिलचस्प मोड़ आता है। प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, वसंत पंचमी सिर्फ सरस्वती पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह प्रेम के देवता कामदेव और उनकी पत्नी रति को समर्पित दिन भी है। अब आप सोच रहे होंगे कि ज्ञान और प्रेम का क्या मेल?
दरअसल, बसंत का मौसम पूरी सृष्टि के 'यौवन' और 'सौंदर्य' का प्रतीक है। जब चारों तरफ फूल खिलते हैं और प्रकृति सजती है, तो इंसान के मन में भी खुशियां और प्रेम के भाव जागते हैं। शास्त्रों में इसे 'मधुमास' कहा गया है। पुराने समय में इस दिन राजा-महाराजा बाकायदा कामदेव की पूजा का आयोजन करते थे ताकि जीवन में सरसता और रिश्तों में मजबूती बनी रहे। सरल शब्दों में कहें, तो बिना बुद्धि (सरस्वती) के प्रेम (कामदेव) सही दिशा में नहीं चल सकता, और बिना प्रेम के बुद्धि बोझिल हो जाती है।
वसंत पंचमी 2026 की जरूरी बातें
- तारीख: साल 2026 में वसंत पंचमी 13 फरवरी को मनाई जाएगी।
- पीले रंग का जादू: इस दिन पीला रंग हर जगह छाया रहता है। पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और खुशी का प्रतीक है। पीले चावल, केसरिया हलवा और पीली साड़ियां इस त्योहार का मुख्य आकर्षण होती हैं।
- नई शुरुआत: बहुत से लोग आज ही के दिन छोटे बच्चों की 'अक्षरारंभ' (पढ़ाई की शुरुआत) कराते हैं। अगर आप कोई नई चीज सीखने या किसी बड़े काम की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो 13 फरवरी का दिन बेहद शुभ रहने वाला है।