गूगल पर की गई एक छोटी सी गलती पड़ सकती है बहुत भारी, भूलकर भी सर्च न करें ये 6 चीज़ें वरना जेल की हवा
News India Live, Digital Desk: आजकल की डिजिटल दुनिया में हम ये सोचते हैं कि अपने फोन या लैपटॉप पर हम जो भी देख रहे हैं, उसे कोई नहीं जानता। खासकर लोग सोचते हैं कि 'Incognito' मोड में कुछ भी सर्च करने से वो सुरक्षित हैं। लेकिन सच तो ये है कि सुरक्षा एजेंसियां और गूगल का एल्गोरिदम हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखता है। भारत में कुछ ऐसे नियम हैं जिनका उल्लंघन करना आपको मुसीबत में डाल सकता है।
आइए जानते हैं वो कौन सी 6 चीज़ें हैं जिन्हें सर्च करने से आपको बचना चाहिए:
1. चाइल्ड पोर्नोग्राफी (सबसे बड़ा अपराध)
इसे लेकर सरकार और कानून का रुख बेहद सख्त है। गूगल पर इससे जुड़ा कुछ भी ढूंढना, देखना या उसे आगे शेयर करना एक बहुत ही गंभीर अपराध है। इस मामले में पुलिस आपको बिना किसी देरी के गिरफ्तार कर सकती है। यह मामला सिर्फ जुर्माने तक नहीं रहता, इसमें सालों की सजा हो सकती है।
2. बम बनाने का तरीका या अवैध हथियार
अगर आप सिर्फ 'मज़ाक' या 'जानकारी' के लिए गूगल पर 'बम कैसे बनाते हैं' (How to make a bomb) या 'अवैध हथियार कहाँ से खरीदें' जैसी चीज़ें सर्च करते हैं, तो आप तुरंत सुरक्षा एजेंसियों (Intelligence Agencies) की रडार पर आ सकते हैं। सुरक्षा बल ऐसे कीवर्ड्स को हर वक्त ट्रैक करते हैं ताकि आतंकी गतिविधियों को रोका जा सके।
3. गर्भपात के गैर-कानूनी तरीके (Unauthorized Abortion)
भारत में बिना डॉक्टर की सलाह के अबॉर्शन के तरीके या दवाइयों के बारे में सर्च करना खतरनाक हो सकता है। सरकार ने ऐसी जानकारियों पर कड़ी पाबंदी लगाई है। असुरक्षित गर्भपात के नुस्खे खोजना भी आपको कानूनी झमेले में डाल सकता है।
4. किसी की प्राइवेट फोटो या वीडियो लीक करना
किसी और की प्राइवेसी में दखल देना या बिना अनुमति के किसी की प्राइवेट चीज़ें इंटरनेट पर सर्च करना साइबर स्टॉकिंग (Cyber Stalking) माना जाता है। अगर आप किसी को परेशान करने या उसका डेटा चुराने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं, तो शिकायत होने पर साइबर सेल आपकी लोकेशन मिनटों में ट्रैक कर सकती है।
5. पाइरेसी को बढ़ावा देना (Movie Piracy)
नई फिल्म आई नहीं कि हम गूगल पर उसे 'फ्री' में देखने का लिंक ढूंढने लगते हैं। फिल्में या पायरेटेड सॉफ्टवेयर (Cracked Software) डाउनलोड करना कॉपीराइट कानून के खिलाफ है। कई बार सरकार उन साइट्स के साथ-साथ वहां जाने वाले यूजर्स के डेटा पर भी नजर रखती है।
6. आतंकी संगठन या प्रतिबंधित समूहों का समर्थन
उन समूहों के बारे में सर्च करना जिन्हें सरकार ने बैन किया है या उनके विचारों को बढ़ावा देना भी आपको शक के दायरे में ला सकता है। अगर सिस्टम को लगता है कि आप किसी गलत विचार से प्रभावित हो रहे हैं, तो आपसे कड़ी पूछताछ की जा सकती है।
चलते-चलते एक सलाह:
गूगल को हमेशा सिर्फ काम की जानकारियों और शिक्षा के लिए इस्तेमाल करें। इंटरनेट 'प्राइवेट' होने के बावजूद 'गुमनाम' (Anonymous) नहीं है। समझदारी इसी में है कि हम डिजिटल नियमों का पालन करें और खुद को और अपने परिवार को किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचा कर रखें।