Barmer News : जब मीटिंग बन गई जंग का अखाड़ा सांसद और विधायक ने अफसरों को लगाई फटकार, माहौल हुआ गर्म
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के बाड़मेर (Barmer) में कलेक्टर टीना डाबी (Tina Dabi) अक्सर अपने फैसलों और स्टाइल को लेकर चर्चा में रहती हैं। लेकिन इस बार चर्चा उनके किसी काम की नहीं, बल्कि एक 'मीटिंग' की हो रही है जो हंगामे की भेंट चढ़ गई।
जिला मुख्यालय पर बिजली, पानी और विकास कार्यों को लेकर एक अहम बैठक बुलाई गई थी। उम्मीद थी कि जनता की समस्याओं का हल निकलेगा, लेकिन वहां तो नजारा ही कुछ और था।
क्यों चढ़ा नेताओं का पारा?
मीटिंग में बाड़मेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और चौहटन के विधायक आदुराम मेघवाल पहुंचे थे। जैसे ही बैठक शुरू हुई और नेताओं ने जनता से जुड़े तीखे सवाल पूछने शुरू किए, तो विभागीय अधिकारी (Officers) बगलें झांकने लगे।
नेताओं का आरोप था कि अधिकारी बिना तैयारी के (Unprepared) मीटिंग में आ जाते हैं। न उनके पास आंकड़े होते हैं और न ही समस्याओं का समाधान।
"समोसे खाने आते हैं क्या?"
माहौल तब और गर्म हो गया जब अधिकारियों की चुप्पी और लापरवाही देखकर नेताओं का गुस्सा फूट पड़ा। भरी मीटिंग में तंज कसते हुए यह तक कह दिया गया कि"आप लोग क्या मीटिंग सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए बुलाते हैं? क्या हम लोग यहाँ सिर्फ चाय-समोसे (Samosas) खाने आते हैं?"
यह बयान सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर एक करारा तमाचा था। उनका कहना था कि जनता बाहर परेशान है, और अफसर एसी कमरों में बैठकर सिर्फ नाश्ता-पानी कर रहे हैं।
कलेक्टर टीना डाबी की प्रतिक्रिया
चूंकि टीना डाबी जिले की कलेक्टर हैं, तो यह नाराजगी परोक्ष रूप से उन तक भी पहुंची कि उनकी टीम (प्रशासन) सुस्त है। हालांकि, टीना डाबी ने स्थिति को संभालते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अगली बार पूरी तैयारी के साथ आएं और हवा में बात न करें।
मीटिंग बीच में छोड़ने की नौबत?
गुस्साए जनप्रतिनिधियों ने साफ कह दिया कि अगर अधिकारियों का यही रवैया रहा, तो ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना था कि जनता ने हमें चुनकर भेजा है ताकि हम उनकी आवाज़ उठाएं, अगर अफसर सुनेंगे ही नहीं तो काम कैसे चलेगा?
इस वाकये ने बाड़मेर प्रशासन में खलबली मचा दी है। अब देखना होगा कि इस 'डांट' और 'समोसे वाले तंज' के बाद अफसरशाही की नींद टूटती है या नहीं।