ब्रश करने के बाद भी आती है मुंह से बदबू? न करें नजरअंदाज, ये 5 गंभीर बीमारियां हो सकती हैं असली वजह
News India Live, Digital Desk : एक चमकती मुस्कान और ताजी सांसें आपके आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, लेकिन कई बार ब्रश करना भी काफी नहीं होता। अगर आप दिन में दो बार ब्रश करते हैं और फिर भी सांसों की दुर्गंध से परेशान हैं, तो यह केवल दांतों की गंदगी नहीं बल्कि शरीर के अंदर पनप रही किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।
1. जीभ की सफाई न करना (Tongue Coating)
हम अक्सर दांत तो चमका लेते हैं लेकिन जीभ को भूल जाते हैं।
कारण: हमारी जीभ पर बैक्टीरिया की एक सफेद परत जम जाती है, जो सल्फर गैस छोड़ती है। यही गैस सांसों में दुर्गंध पैदा करती है।
समाधान: रोजाना टंग क्लीनर (Tongue Cleaner) का इस्तेमाल करें।
2. मसूड़ों की बीमारी (Gingivitis/Periodontitis)
अगर आपके मसूड़ों से खून आता है या वे सूजे हुए हैं, तो वहां बैक्टीरिया घर बना चुके हैं।
खतरा: ब्रश करने से दांतों की सतह तो साफ हो जाती है, लेकिन मसूड़ों की 'पॉकेट्स' में फंसे बैक्टीरिया बदबू पैदा करते रहते हैं।
3. शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी बीमारियां
मुंह की बदबू का संबंध पेट और अन्य अंगों से भी हो सकता है:
किडनी और लिवर: यदि सांसों से अमोनिया जैसी गंध आए, तो यह किडनी की समस्या या लिवर में खराबी का संकेत हो सकता है।
डायबिटीज: शुगर के मरीजों की सांसों से कभी-कभी 'फ्रूटी' (फलों जैसी) गंध आती है, जिसे कीटोन्स (Ketones) के कारण माना जाता है।
एसिड रिफ्लक्स (GERD): पेट की गैस या एसिड का गले तक आना भी दुर्गंध का मुख्य कारण है।
4. 'ड्राई माउथ' की समस्या (Xerostomia)
लार (Saliva) हमारे मुंह को प्राकृतिक रूप से साफ करती है।
समस्या: यदि मुंह में लार कम बनती है, तो बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। दवाओं के सेवन या कम पानी पीने से यह समस्या बढ़ जाती है।
5. टॉन्सिल स्टोन (Tonsil Stones)
गले के पिछले हिस्से (Tonsils) में छोटे सफेद पत्थर जैसे कण जम जाते हैं। इनमें भोजन के अंश और बैक्टीरिया फंस जाते हैं, जिससे सड़न जैसी भयानक बदबू आती है।
ओरल हेल्थ सुधारने के 4 प्रो-टिप्स:
फ्लॉसिंग (Flossing): दांतों के बीच फंसी गंदगी ब्रश से नहीं निकलती, इसके लिए फ्लॉस का उपयोग करें।
हाइड्रेटेड रहें: दिनभर खूब पानी पिएं ताकि मुंह में लार का प्रवाह बना रहे।
नेचुरल माउथवॉश: खाना खाने के बाद सौंफ, इलायची या दालचीनी का पानी इस्तेमाल करें।
नियमित डेंटल चेकअप: साल में कम से कम दो बार डेंटिस्ट के पास जरूर जाएं।