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March 20 2026 11:10 pm

Ayodhya Tourism : अब एक साथ 5000 भक्त कर सकेंगे 15 मंदिरों के दर्शन, राम जन्मभूमि परिसर में सुविधाओं का महाविस्तार

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News India Live, Digital Desk: अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बहुत बड़ी और सुखद खबर है। राम जन्मभूमि परिसर के भीतर चल रहे निर्माण कार्यों के बीच अब भक्तों को 15 नए मंदिरों के दर्शन का सौभाग्य मिलने वाला है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने परिसर के भीतर ऐसी व्यवस्था की है कि एक समय में 5000 से अधिक श्रद्धालु बिना किसी भीड़भाड़ के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकेंगे।

परिसर के भीतर 'लघु अयोध्या': जानें किन 15 मंदिरों के होंगे दर्शन

राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह के अलावा, परिसर के चारों ओर और 'परकोटा' (रिटेनिंग वॉल) में कई देवी-देवताओं के मंदिर तैयार किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ और महर्षि विश्वामित्र मंदिर

महर्षि अगस्त्य और निषाद राज मंदिर

माता शबरी और देवी अहिल्या मंदिर

परकोटे के चारों कोनों पर सूर्य देव, मां भगवती, गणपति और भगवान शिव के मंदिर

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'दर्शन मार्ग' में बदलाव

बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट ने दर्शन मार्ग और निकास द्वार को इस तरह डिजाइन किया है कि 5000 भक्त एक साथ अलग-अलग मंदिरों में उपस्थित रह सकें। इससे मुख्य मंदिर पर दबाव कम होगा और श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से हर मंदिर की वास्तुकला और आध्यात्मिकता का अनुभव कर पाएंगे।

राम नवमी 2026 से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य

निर्माण कार्य की गति को देखते हुए माना जा रहा है कि इनमें से अधिकांश मंदिरों को आगामी राम नवमी मेले से पहले भक्तों के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। पत्थरों की नक्काशी और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि अयोध्या आने वाला हर भक्त न केवल रामलला को देखे, बल्कि रामायण काल के उन सभी महान चरित्रों को भी नमन करे जिन्होंने प्रभु राम के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भक्तों के लिए नई सुविधाएं

विश्राम क्षेत्र: परिसर के भीतर जगह-जगह बैठने और छाया की व्यवस्था।

पेयजल और स्वास्थ्य केंद्र: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेहत के लिए अत्याधुनिक इंतजाम।

आधुनिक क्यू-मैनेजमेंट: कम समय में अधिक व्यवस्थित दर्शन की तकनीक।