हेल्दी गट के लिए छोड़ें किचन की ये 4 गलतियां, खराब पाचन और गैस की समस्या से मिलेगा छुटकारा

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News India Live, Digital Desk: एक पुरानी कहावत है जैसा अन्न, वैसा मन", लेकिन आधुनिक पोषण विशेषज्ञ इसमें एक और बात जोड़ते हैं: "जैसा पकाने का तरीका, वैसी गट हेल्थ।" अक्सर हम इस बात पर बहुत ध्यान देते हैं कि हम क्या खा रहे हैं, लेकिन रसोई (Kitchen) में खाना बनाने के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

अगर आप अक्सर गैस, सूजन (Bloating) या भारीपन महसूस करते हैं, तो अपनी इन 4 आदतों को आज ही बदलें:

1. तेल का दोबारा इस्तेमाल (Reusing Oil)

भारतीय रसोई में अक्सर कड़ाही में बचा हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन यह आदत आपकी आंतों (Gut) के लिए जहर के समान है।

नुकसान: तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें फ्री रेडिकल्स और जहरीले तत्व पैदा हो जाते हैं।

असर: यह पाचन को धीमा करता है, पेट में जलन और एसिडिटी बढ़ाता है। लंबे समय तक ऐसा करने से आंतों की परत को नुकसान पहुँच सकता है।

2. अनाज और दालों को ठीक से न धोना

जल्दबाजी में कई लोग दाल या चावल को सिर्फ एक बार पानी से निकालकर पकने रख देते हैं।

नुकसान: अनाज पर मौजूद पेस्टिसाइड्स, धूल और केमिकल आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया को खत्म कर सकते हैं।

सही तरीका: दाल, चावल और साबुत अनाज (राजमा, चना) को कम से कम 4 से 5 बार साफ पानी से धोना चाहिए ताकि उनकी बाहरी अशुद्धियां पूरी तरह निकल जाएं।

3. तेज आंच पर खाना पकाना (High-Heat Cooking)

जल्दी खाना बनाने के चक्कर में तेज आंच का इस्तेमाल करना पोषण के लिहाज से गलत है।

नुकसान: ज्यादा तापमान पर खाना पकाने से उसमें मौजूद एंजाइम्स और विटामिन्स नष्ट हो जाते हैं।

असर: ऐसा खाना पेट के लिए भारी हो जाता है, जिससे कब्ज और भारीपन की समस्या होती है। मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पका हुआ खाना आसानी से पचता है।

4. बर्तनों की चिपचिपाहट और साफ-सफाई

रसोई की स्वच्छता का सीधा संबंध आपकी गट हेल्थ से है।

बैक्टीरिया का खतरा: बर्तनों में जमी तेल की चिपचिपाहट बैक्टीरिया के पनपने का घर होती है। अगर बर्तन ठीक से साफ न हों, तो ये कीटाणु खाने के जरिए सीधे पेट में पहुँच जाते हैं।

सलाह: रसोई के काउंटर और बर्तनों को हमेशा गर्म पानी और अच्छे साबुन से साफ रखें ताकि संक्रमण का खतरा न रहे।

 गट हेल्थ बेहतर करने के लिए क्विक टिप्स

भिगोना (Soaking): दालों और बीन्स को पकाने से पहले 2-4 घंटे भिगोने से उनमें मौजूद 'फाइटेट्स' निकल जाते हैं, जिससे वे आसानी से पचती हैं।

लकड़ी या स्टील: खाना पकाने के लिए नॉन-स्टिक (अगर कोटिंग खराब हो) के बजाय स्टील या लोहे के बर्तनों का चुनाव करें।

ताजगी: बासी खाना खाने से बचें, क्योंकि समय के साथ उनमें हिस्टामाइन का स्तर बढ़ जाता है जो पाचन बिगाड़ सकता है। याद रखें: एक स्वस्थ शरीर की शुरुआत एक साफ और जागरूक रसोई से होती है। जब आप अपनी कुकिंग की आदतों में सुधार करते हैं, तो आपका पाचन तंत्र स्वाभाविक रूप से बेहतर काम करने लगता है