Australia PM Bomb Threat: 'बम' की खबर से ऑस्ट्रेलिया में मचा हड़कंप! आनन-फानन में खाली कराया गया पीएम अल्बनीज का आवास, 3 घंटे तक अटकी रही सांसें
कैनबरा/नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा से एक बेहद सनसनीखेज और सुरक्षा में बड़ी चूक की खबर सामने आई है। देश के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) के सरकारी आवास 'द लॉज' को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में हाई अलर्ट जारी करते हुए भारी सुरक्षा घेरे के बीच पीएम अल्बनीज को उनके आवास से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इस घटना ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
3 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन, बाल-बाल बचे पीएम
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 6 बजे ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) को एक खौफनाक सूचना मिली कि संसद भवन के बेहद करीब स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 'द लॉज' (The Lodge) में कोई विस्फोटक उपकरण (बम) रखा गया है। इस सूचना के मिलते ही भारी पुलिस बल, स्पेशल कमांडो और बम निरोधक दस्तों ने पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर करीब तीन घंटे तक चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई। राहत की बात यह रही कि जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस द्वारा 'ऑल क्लियर' सिग्नल देने के बाद रात 9 बजे के आसपास पीएम अल्बनीज को वापस उनके आवास लौटने की अनुमति दी गई।
दिन में टीवी इंटरव्यू, शाम ढलते ही मंडराया मौत का साया
इस घटना ने सभी को इसलिए भी ज्यादा चौंका दिया क्योंकि मंगलवार का दिन पीएम अल्बनीज के लिए काफी सामान्य था। दिन के समय ही उन्होंने अपने इसी आवास पर मशहूर ऑस्ट्रेलियाई टीवी पत्रकार कार्ल स्टेफानोविक को एक लंबा और सुकून भरा इंटरव्यू दिया था। दिनभर की इस शांति के बाद शाम होते ही अचानक माहौल पूरी तरह से बदल गया और पूरे वीआईपी इलाके में सुरक्षा सायरन गूंजने लगे। पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि फिलहाल आम जनता के लिए कोई खतरा नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया में क्यों बढ़ रहे हैं नेताओं पर हमले?
यह कोई छिटपुट घटना नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बीते कुछ महीनों से राजनेताओं और वीआईपी लोगों की सुरक्षा पर लगातार खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। प्रधानमंत्री से लेकर कई सांसदों को हाल ही में जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं। ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस की कमिश्नर क्रिसी बैरेट ने पिछले साल अक्टूबर में ही इस बढ़ते खतरे को भांपते हुए 'विशेष राष्ट्रीय सुरक्षा जांच टीमों' का गठन किया था।
ऑनलाइन नफरत बन रही है असल जिंदगी का खतरा
कमिश्नर बैरेट ने इसी महीने की शुरुआत में सीनेट समिति के सामने एक चौंकाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि संघीय नेताओं, शीर्ष अधिकारियों और यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई यहूदी समुदाय के कुछ सदस्यों को भी चरमपंथी और हिंसक तत्वों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। पिछले साल के अंत से अब तक धमकियां देने वाले 20 से अधिक लोगों पर गंभीर आरोप तय किए जा चुके हैं। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि लोगों में व्यक्तिगत नाराजगी का स्तर बढ़ रहा है; लोग पहले ऑनलाइन गुस्सा निकालते हैं और फिर उसे असल जिंदगी में हिंसक रूप देने की खतरनाक साजिश रचते हैं। हालांकि इस बार पीएम आवास में बम नहीं मिला, लेकिन इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया की खुफिया एजेंसियों की नींद जरूर उड़ा दी है।