PM Modi Israel Visit : इजरायल का हेक्सागन अलायंस और पाकिस्तान में खलबली, जानें क्या है नेतन्याहू का मास्टरप्लान!

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News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 फरवरी 2026 से शुरू होने वाली दो दिवसीय इजरायल यात्रा ने वैश्विक राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। इस दौरे से ठीक पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बेहद महत्वाकांक्षी और रणनीतिक 'हेक्सागन ऑफ अलायंस' (Hexagon of Alliances) का प्रस्ताव रखा है। इस गठबंधन के केंद्र में भारत को रखकर नेतन्याहू ने न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई दी है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की नींद भी उड़ा दी है।

क्या है यह 'हेक्सागन' (षट्कोण) गठबंधन? नेतन्याहू के विजन के अनुसार, यह छह क्षेत्रों/देशों का एक ऐसा रणनीतिक ढांचा है जो मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के भीतर और उसके आसपास सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा।

प्रमुख भागीदार: इसमें भारत, इजरायल, ग्रीस और साइप्रस के नाम स्पष्ट रूप से लिए गए हैं।

अन्य सदस्य: इसमें कुछ अरब राष्ट्र, अफ्रीकी देश और अन्य एशियाई देश शामिल होंगे।

मुख्य उद्देश्य: नेतन्याहू का कहना है कि यह अलायंस 'रेडिकल शिया एक्सिस' (मुख्यतः ईरान समर्थित) और उभरती हुई 'कट्टरपंथी सुन्नी धुरी' के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा होगा।

IMEC से भी गहरा है यह नाता इस गठबंधन को केवल सुरक्षा के नजरिए से नहीं, बल्कि India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) के रणनीतिक विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है। इसका मकसद कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है, जिससे भारत की भूमिका 'ग्लोबल पावर' के रूप में और सुदृढ़ होगी।

पाकिस्तान और हमास की तीखी प्रतिक्रिया इस खबर के बाहर आते ही पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है:

पाकिस्तान सीनेट का प्रस्ताव: पाकिस्तान की सीनेट ने मंगलवार (24 फरवरी) को सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने इसे "मुस्लिम देशों के खिलाफ गठबंधन" करार देते हुए क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया।

हमास का विरोध: हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने भी इस योजना को खारिज करते हुए इसे केवल इजरायली हितों को साधने वाला कदम बताया।

मुस्लिम देशों की चिंता: पाकिस्तान सहित करीब 14 देशों (मिस्र, जॉर्डन, सऊदी अरब आदि) ने संयुक्त बयान जारी कर इस तरह के ध्रुवीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

भारत के लिए क्या हैं मायने? डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत हमेशा से 'गुटबाजी' से दूर रहा है, लेकिन इजरायल के साथ बढ़ती रक्षा और सुरक्षा साझेदारी (विशेषकर AI और क्वांटम कंप्यूटिंग में) भारत को इस नए क्षेत्रीय ढांचे में एक अनिवार्य खिलाड़ी बनाती है। नेतन्याहू ने पीएम मोदी को अपना "निजी मित्र" बताते हुए संकेत दिया है कि यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।