पंजाब में फिर हुई पवित्रता के साथ खिलवाड़ की कोशिश, जालंधर की इस खबर ने झकझोर दी सिख संगत

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News India Live, Digital Desk: पंजाब से एक बार फिर एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे राज्य के लोगों और खास तौर पर सिख जगत की धार्मिक भावनाओं को बहुत गहरी चोट पहुँचाई है। यह मामला जालंधर का है, जहाँ गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है।

घटना का मंजर जिसने सबको रुला दिया
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना जालंधर के एक स्थानीय इलाके की है जहाँ सुबह-सुबह संगतों को पता चला कि पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के लगभग 6 पावन 'अंग' (पन्ने) फटे हुए हैं और गुरुद्वारा साहिब के बाहर फेंके गए हैं। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते भारी संख्या में संगत वहां इकट्ठी हो गई। गुरु महाराज के स्वरूप की ऐसी स्थिति देखकर वहां मौजूद हर श्रद्धालु की आंखें भर आईं।

दोषी कौन? आखिर मंशा क्या थी?
पंजाब के लिए 'बेअदबी' एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक विषय रहा है। जालंधर की इस ताज़ा घटना ने लोगों के मन में फिर वही पुराने डर और गुस्से को पैदा कर दिया है। संगतों का कहना है कि यह कोई मामूली लापरवाही नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश हो सकती है ताकि शांति और आपसी सौहार्द को बिगाड़ा जा सके। वहां जमा हुए लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को तुरंत पकड़ा जाए और उन्हें ऐसी सख्त सजा मिले कि दोबारा कोई ऐसी हरकत करने की जुर्रत न करे।

पुलिस की जांच और भारी सुरक्षा बल तैनात
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीमों ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस इलाके में लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाल रही है ताकि उस अपराधी या उन चेहरों की पहचान हो सके जिन्होंने रात के अंधेरे में या सुनसान मौके का फायदा उठाकर इस कायराना हरकत को अंजाम दिया है। अधिकारियों ने संगत को आश्वासन दिया है कि अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

खामोश नहीं है संगत, शांति की अपील भी
सोशल मीडिया पर भी इस खबर के बाद लोगों का गुस्सा फूट रहा है। धार्मिक नेताओं ने संगत से शांत रहने की अपील की है, लेकिन साथ ही न्याय की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव भी बढ़ रहा है। इलाके में इस वक्त माहौल थोड़ा तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण है। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि गुरु महाराज की मान-मर्यादा के साथ ऐसा करने वाले का पर्दाफाश जल्द हो।

यह घटना हम सबको याद दिलाती है कि समाज में शरारती तत्व हमेशा सक्रिय रहते हैं, ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि आपसी भाईचारे को बनाय रखें और किसी भी साजिश का शिकार न बनें।

आपकी राय?
क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में कानून में और भी सख्त प्रावधानों की जरूरत है? दोषियों को कड़ी सजा मिलना क्यों जरूरी है? अपनी बात जरूर साझा करें।