EPFO Update : क्या आपकी सैलरी से सही पीएफ कट रहा है? खुद ऐसे चेक करें अपना मंथली कॉन्ट्रिब्यूशन और बैलेंस

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News India Live, Digital Desk : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर की घोषणा कर दी है। ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) ने 11 मार्च 2026 की ताजा अपडेट के अनुसार, लगातार तीसरे साल ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखने की सिफारिश की है।

यदि आप एक नौकरीपेशा कर्मचारी हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि हर महीने आपकी सैलरी से कटने वाला पैसा और कंपनी का योगदान मिलकर आपके रिटायरमेंट फंड को कैसे बढ़ाता है।

PF कैलकुलेशन का आसान फॉर्मूला (The Basic Formula)

पीएफ की गणना आपकी बेसिक सैलरी (Basic Salary) + महंगाई भत्ता (DA) पर की जाती है, न कि कुल ग्रॉस सैलरी पर।

कर्मचारी का योगदान (Employee Contribution): आपकी बेसिक सैलरी + DA का 12% हिस्सा सीधे आपके EPF खाते में जाता है।

नियोक्ता (कंपनी) का योगदान (Employer Contribution): कंपनी भी आपकी बेसिक सैलरी + DA का 12% योगदान देती है, लेकिन यह दो हिस्सों में बंट जाता है:

3.67%: आपके EPF खाते में जमा होता है।

8.33%: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है।

एक उदाहरण से समझें (Calculation Example)

मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी + DA = ₹30,000 है।

विवरण (Description)कैलकुलेशनजमा राशि (₹)
आपका योगदान (12%)$30,000 \times 12\%$₹3,600
कंपनी का EPF हिस्सा (3.67%)$30,000 - 3,600$ (यानी बचा हुआ)₹2,350*
कंपनी का पेंशन हिस्सा (EPS)अधिकतम सीमा (Capped)₹1,250
कुल मासिक PF जमा(आपका 12% + कंपनी का 3.67%)₹5,950

बजट 2026 और EPFO के नए नियम

हाल ही में पेश हुए बजट 2026 में भविष्य निधि (PF) को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए गए हैं:

₹7.5 लाख की सीमा: नियोक्ता (Employer) का पीएफ, एनपीएस (NPS) और सुपरएनुएशन फंड में कुल योगदान यदि साल भर में ₹7.5 लाख से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर टैक्स लगेगा।

ब्याज पर टैक्स: यदि कर्मचारी का सालाना योगदान ₹2.5 लाख (बिना कंपनी योगदान के) से अधिक है, तो उस अतिरिक्त राशि पर मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स देना होगा।

8.25% ब्याज दर: 2025-26 के लिए ब्याज दर 8.25% तय की गई है। हालांकि ब्याज की गणना हर महीने होती है, लेकिन यह आपके खाते में साल के अंत (आमतौर पर जून-अगस्त 2026 के बीच) में क्रेडिट किया जाता है।