भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी से मचा अंतरराष्ट्रीय हड़कंप, जेलेंस्की सरकार ने लगाया रूस पर बड़ी साजिश का आरोप
News India Live, Digital Desk : भारत के उत्तर प्रदेश (UP) में हाल ही में सात यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक नया राजनयिक विवाद खड़ा कर दिया है। यूक्रेन सरकार ने इस पूरे मामले को एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया के बजाय रूस की एक गहरी "अंतरराष्ट्रीय साजिश" करार दिया है। यूक्रेन का दावा है कि रूस, भारत जैसे अपने मित्र देशों के साथ यूक्रेन के संबंधों को खराब करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही में सात यूक्रेनी नागरिकों को अवैध रूप से सीमा पार करने या वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये नागरिक नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। वर्तमान में ये सभी उत्तर प्रदेश की एक जेल में बंद हैं।
यूक्रेन का सनसनीखेज आरोप: "रूस ने बिछाया जाल"
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय और वहां के अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। यूक्रेन का कहना है कि:
गिरफ्तार किए गए नागरिक निर्दोष पर्यटक या शरणार्थी हो सकते हैं, जिन्हें गलत जानकारी देकर फंसाया गया है।
रूस की खुफिया एजेंसियां जानबूझकर ऐसे हालात पैदा कर रही हैं जिससे भारत और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक दूरियां बढ़ें।
यूक्रेन ने इसे "हाइब्रिड वॉरफेयर" का हिस्सा बताया है, जिसका मकसद वैश्विक मंच पर यूक्रेन की छवि को धूमिल करना है।
भारत का रुख और कानूनी स्थिति
भारतीय अधिकारियों के अनुसार, यह मामला पूरी तरह से सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करना कानूनन अपराध है। हालांकि, यूक्रेन की ओर से लगाए गए "रूसी साजिश" के आरोपों पर अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
राजनयिक तनाव बढ़ने की आशंका?
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के बीच इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के बीच संवाद को जटिल बना सकती हैं। यूक्रेन लगातार भारत से आग्रह कर रहा है कि वह मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने नागरिकों को रिहा करे और इस मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि "रूसी हस्तक्षेप" का पर्दाफाश हो सके।