अररिया की कोल्ड वेव ने थमा दी क्लासरूम की हलचल, स्कूल बंद और आंगनबाड़ी का बदला समय

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News India Live, Digital Desk : बिहार में दिसंबर का महीना जाते-जाते अपनी असली रंगत दिखा रहा है। आसमान से बरसती ठंडी फुहारों और कंकणी (कोल्ड वेव) ने आम जनजीवन को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है। खासकर छोटे बच्चों के लिए सुबह-सुबह स्कूल जाना किसी सजा से कम नहीं लग रहा था। बच्चों की सेहत और कड़ाके की ठिठुरन को देखते हुए अररिया जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है।

डीएम का आदेश: स्कूल बंद, बच्चे सुरक्षित
अररिया के जिलाधिकारी (DM) ने जिले की बिगड़ती मौसमी स्थितियों का जायजा लेने के बाद फैसला सुनाया है कि अब बच्चों को इस हड्डी कंपा देने वाली ठंड में स्कूल आने की ज़रूरत नहीं है। प्रशासन ने बढ़ते हुए 'शीत लहर' के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों में ताला जड़ने (छुट्टी) के निर्देश दे दिए हैं। अक्सर इस मौसम में बच्चों को निमोनिया और सर्दी-खांसी जैसी दिक्कतों का डर रहता है, जिसे टालने के लिए यह फैसला सबसे जरूरी था।

आंगनबाड़ी केंद्रों का बदला शेड्यूल
खबर सिर्फ स्कूलों की छुट्टी तक सीमित नहीं है। छोटे बच्चों के पोषण का केंद्र माने जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर भी जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। आदेश के मुताबिक, अब आंगनबाड़ी केंद्र केवल दो घंटे के लिए ही खुलेंगे। इसका मतलब है कि नन्हें बच्चों को बहुत ज्यादा वक्त बाहर खुले में नहीं बिताना पड़ेगा। इस फैसले से उन माताओं को बड़ी राहत मिली है जो अपने बच्चों को ठंड में घर से बाहर भेजने को लेकर डरी हुई थीं।

पैरेंट्स और शिक्षकों का क्या है कहना?
जैसे ही यह आदेश व्हाट्सएप ग्रुप्स और न्यूज में आया, पैरेंट्स ने राहत की सांस ली है। बहुत से अभिभावकों का कहना था कि पिछले दो-तीन दिनों से पारा जिस तरह नीचे गिरा है, उसे देखते हुए यह फैसला कुछ दिन पहले ही आ जाना चाहिए था। वहीं शिक्षकों का मानना है कि इतनी धुंध और कोहरे में आवाजाही करना रिस्की था, इसलिए छुट्टी करना ही एकमात्र सही रास्ता बचा था।

सावधानी ही है असली बचाव
भले ही स्कूलों की छुट्टी हो गई है, लेकिन सर्दी का कहर जारी है। 30 दिसंबर 2025 के इस माहौल में अब आपकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को घर के अंदर ही रखें, उन्हें गर्म पानी और सही डाइट दें। प्रशासन अपनी तरफ से नज़र बनाए हुए है, और जैसे ही धूप खिलेगी और पारा बढ़ेगा, नया शेड्यूल जारी किया जाएगा। फिलहाल के लिए, बच्चों को आराम करने दें और ठंड से बचाए रखें।