यूपी के इस अफसर की वर्दी पर लगा एक और सितारा, अनिल दुजाना जैसे डॉन्स का किया है काम तमाम

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News India Live, Digital Desk: हम अक्सर फिल्मों में देखते हैं कि पुलिस वाला गाड़ी से उतरता है और अपराधी डर के मारे भाग खड़े होते हैं। हमें लगता है ऐसा सिर्फ फिल्मों में होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) में एक ऐसा अफसर है, जिसकी हकीकत फिल्मों से भी ज्यादा दमदार है।

जब बात जुर्म के खात्मे और माफियाओं की कमर तोड़ने की आती है, तो एक नाम सबसे ऊपर गूंजता है  डी.के. शाही (D.K. Shahi)।

इस गणतंत्र दिवस पर एक बार फिर से इस जांबाज अफसर के नाम का डंका बजा है। यूपी एसटीएफ (STF) के डिप्टी एसपी डी.के. शाही को 5वीं बार वीरता पदक (Gallantry Award) से सम्मानित किया जाएगा। जी हाँ, आपने सही सुना पांचवीं बार! यह अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है।

कौन हैं डी.के. शाही?

धर्मेन्द्र कुमार शाही, जिन्हें लोग डी.के. शाही के नाम से जानते हैं, वो अफसर हैं जिन्होंने अपनी पूरी सर्विस में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। साधारण से दिखने वाले शाही जी का काम करने का अंदाज "असाधारण" है। वो फ़िलहाल उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) में तैनात हैं। एसटीएफ का काम ही होता है उन खूंखार अपराधियों से निपटना, जिनसे आम पुलिस के पसीने छूट जाते हैं।

माफियाओं के लिए 'काल'

आपको याद होगा पश्चिमी यूपी का कुख्यात गैंगस्टर अनिल दुजाना (Anil Dujana), जिसके नाम से लोग कांपते थे। पिछले साल मेरठ में एसटीएफ के साथ हुई एक मुठभेड़ में अनिल दुजाना मारा गया था। उस टीम का नेतृत्व और कोई नहीं, बल्कि डी.के. शाही ही कर रहे थे।

सिर्फ़ दुजाना ही नहीं, ऐसे कई बड़े इनामी बदमाश हैं जिनका खेल इस निडर अफसर ने ख़त्म किया है। कहा जाता है कि जब शाही साहब किसी केस को हाथ में लेते हैं, तो अपराधियों के पास दो ही रास्ते बचते हैं—या तो जेल या फिर... आप समझ ही गए होंगे!

क्यों खास है यह 5वां मेडल?

पुलिस की नौकरी में एक बार 'गैलेंट्री अवॉर्ड' मिलना भी बहुत बड़ी बात होती है। यह मेडल जान की बाजी लगाने पर मिलता है। ऐसे में 5 बार यह सम्मान पाना बताता है कि यह अफसर किस मिट्टी का बना है।
इस बार यह सम्मान उन्हें 4 मई 2023 को मेरठ के भोला की झाल पर अनिल दुजाना के साथ हुई मुठभेड़ में अदम्य साहस दिखाने के लिए दिया जा रहा है।

डीजीपी से लेकर कांस्टेबल तक, सब करते हैं नाज़

डी.के. शाही मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। 24 साल की उम्र में वो पुलिस में आए थे। आज उनकी इस उपलब्धि पर पूरा पुलिस महकमा गर्व महसूस कर रहा है।