Andhra Pradesh Bus Accident : जब सफर बन गया मौत का बुलावा, सोए हुए यात्रियों को नहीं मिला बचने का मौका
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में शुक्रवार तड़के एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी जिसने सबको हिलाकर रख दिया। हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक निजी स्लीपर बस में आग लगने से कम से कम 20 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।यह हादसा तब हुआ जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे और उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
यह हादसा सुबह करीब 3 से 3:30 बजे के बीच कुरनूल के पास चिन्ना टेकुर गांव के पास नेशनल हाईवे 44 पर हुआ।जानकारी के अनुसार, बस एक मोटरसाइकिल से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बस के नीचे फंस गई और उसके पेट्रोल टैंक से तेल लीक होने लगा, जिसके कारण बस में आग लग गई।आग ने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
बस में उस वक्त करीब 41 यात्री सवार थे। आग लगने के बाद बस का दरवाजा जाम हो गया, जिससे यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया। जो लोग जाग रहे थे, उन्होंने किसी तरह बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर अपनी जान बचाई।इस हादसे में लगभग 19 यात्री, दो बच्चे और दो ड्राइवर बच निकलने में कामयाब रहे।
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे ने नेल्लोर के एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। रमेश (37), उनकी पत्नी गोल्ला अनुषा (32), और उनके दो बच्चे मनीष (12) और मनिथवा (10) इस बस में सवार थे और चारों की मौत हो गई। रमेश बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करते थे और परिवार के साथ हैदराबाद किसी काम से गए थे, जहाँ से लौटते समय यह अनहोनी हो गई
अधिकारियों ने क्या कहा?
कुरनूल के जिला कलेक्टर डॉ. ए सिरी ने बताया कि दुर्घटना सुबह 3 से 3:10 बजे के बीच हुई जब बस एक बाइक से टकरा गई, जिससे ईंधन रिसाव हुआ और आग लग गई। उन्होंने बताया कि 41 यात्रियों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है। कई शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है।आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है