झारखंड में पैर पसार रहा है निपाह? खौफ के बीच डॉक्टरों ने दी वो सलाह, जो सबको जाननी चाहिए
News India Live, Digital Desk: बीमारियों का दौर कुछ ऐसा चल रहा है कि एक मुश्किल खत्म नहीं होती कि दूसरी दस्तक देने लगती है। हाल ही में खबर आई है कि झारखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने निपाह वायरस (Nipah Virus) को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि, घबराने की बिल्कुल भी बात नहीं है, क्योंकि यह अलर्ट एहतियात (precaution) के तौर पर जारी किया गया है, ताकि हम सब सुरक्षित रह सकें।
डॉक्टरों ने कुछ ऐसी जरूरी बातें बताई हैं, जिन्हें अगर हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपना लें, तो इस वायरस को पास फटकने से भी रोका जा सकता है।
आखिर ये निपाह वायरस क्या है और कहाँ से आता है?
आसान शब्दों में कहें तो यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों और सुअरों से इंसानों में फैलता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई इंसान ऐसे फल खाता है जिसे किसी संक्रमित चमगादड़ ने चखा हो या उसके संपर्क में आया हो, तो उसे यह बीमारी होने का खतरा रहता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
झारखंड के डॉक्टरों ने क्या सलाह दी है?
स्वास्थ्य विभाग और एक्सपर्ट डॉक्टरों की कुछ बातें आपको गांठ बांध लेनी चाहिए:
- फलों को धोकर खाएं: बाजार से लाए गए फल, खासकर जो जमीन पर गिरे हों या जिन पर किसी तरह के निशान हों, उन्हें खाने से बचें। फलों को अच्छी तरह साफ पानी से धोना बहुत जरूरी है।
- चमगादड़ वाले इलाकों से दूरी: ऐसी जगह जहाँ चमगादड़ों का बसेरा हो, वहाँ के खुले पानी या ताड़ी (Tadi) जैसे तरल पदार्थों का सेवन करने से बचें।
- लक्षणों को पहचानें: अगर तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ या मांसपेशियों में खिंचाव जैसा महसूस हो, तो इसे आम सर्दी-जुकाम समझकर घर पर इलाज न करें। फौरन डॉक्टर से मिलें।
- सफाई का रखें ख्याल: हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना केवल कोरोना के लिए नहीं था, निपाह जैसे खतरों से बचने के लिए भी ये आदतें बहुत काम आती हैं।
क्या डरने की जरूरत है?
बिल्कुल नहीं! झारखंड में स्वास्थ्य विभाग केवल सतर्कता बरत रहा है ताकि केरल जैसे राज्यों में जो स्थिति बनी थी, वो यहाँ न आए। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी 'इलाज से बेहतर बचाव' (Prevention is better than cure) के फार्मूले पर ही कंट्रोल की जा सकती है।
अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाओं के इंतजाम पुख्ता किए जा रहे हैं। तो अगर आप खुद को और अपने परिवार को जागरूक रखेंगे, तो डरने वाली कोई बात नहीं होगी।
याद रखिये, आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है। इस जानकारी को अपनों के साथ भी शेयर करें ताकि वे भी सुरक्षित रहें!
आपको यह अलर्ट कितना गंभीर लगता है? क्या आपके इलाके में भी ऐसी कोई सावधानी बरती जा रही है? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं।