सब SUV-SUV चिल्ला रहे हैं, पर Maruti अपनी Alto-Swift को क्यों नहीं छोड़ रही? CEO ने खोला राज़
आजकल भारत की सड़कों पर एक ही गाड़ी का राज चल रहा है - SUV. हर कंपनी बड़ी-बड़ी, ऊंची-ऊंची SUV लॉन्च करने की होड़ में लगी है. ऐसा लगता है मानो छोटी, किफायती गाड़ियों का ज़माना अब लद गया.
तो क्या 'आम आदमी की कार' बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी भी अपनी Alto, Swift और Wagon R जैसी गाड़ियों को भूलकर सिर्फ SUV ही बनाएगी?
इस सबसे बड़े सवाल का जवाब खुद मारुति सुजुकी के MD और CEO, हिसाशी टेकुची, ने दिया ਹੈ, और उनका जवाब हर उस शख्स को सुनना चाहिए जो भारतीय कार बाजार को समझना चाहता है.
"हमारी असली ताकत तो छोटी गाड़ियां हैं, उन्हें कैसे छोड़ दें?"
हिसाशी टेकुची ने साफ कर दिया कि SUV की लहर के बावजूद, मारुति अपनी जड़ों को कभी नहीं भूलेगी. उन्होंने कहा, "छोटी कारें हमारा आधार हैं, हमारी नींव हैं. हम इस सेगमेंट के राजा हैं और राजा ही रहेंगे."
उन्होंने बताया कि आज भी भारत में लाखों ऐसे परिवार हैं, जो पहली बार कार खरीदने का सपना देखते हैं। ऑल्टो, एस-प्रेसो या सेलेरियो जैसी कारें इस सपने को पूरा करती हैं। ये कारें कंपनी के लिए सिर्फ़ एक 'एंट्री-लेवल' उत्पाद नहीं हैं, बल्कि लाखों परिवारों को 'मारुति परिवार' से जोड़ने का पहला दरवाज़ा हैं। तो ज़ाहिर है, मारुति इन कारों को बनाना बंद नहीं करेगी, बल्कि इन्हें और बेहतर बनाती रहेगी।
"देर से आए, पर दुरुस्त आए!" SUV बाजार में भी मारुति का दबदबा
छोटी गाड़ियों पर अपनी पकड़ बनाए रखने का यह मतलब बिलकुल नहीं है कि मारुति ने SUV के मैदान को खाली छोड़ दिया ਹੈ. CEO ने माना कि वे SUV सेगमेंट में थोड़ी देर से आए, लेकिन अब उनका प्लान पूरे बाजार पर छा जाने का है.
Brezza, Grand Vitara, Fronx और Jimny जैसे मॉडलों के दम पर, मारुति ने बहुत तेजी से SUV बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. उनका सीधा-सा लक्ष्य है - जिस तरह वे पूरे कार बाजार के बादशाह हैं, उसी तरह SUV सेगमेंट में भी नंबर 1 का ताज हासिल करना.
भविष्य का क्या है प्लान? इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड या कुछ और?
टेकुची ने भविष्य के लिए भी कंपनी का विजन साफ किया:
- इलेक्ट्रिक कार (EV): मारुति की पहली इलेक्ट्रिक SUV, eVX, जल्द ही सड़कों पर उतरने वाली ਹੈ.
- हाइब्रिड पर बड़ा दांव: मारुति का मानना है कि भारत अभी पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कारों के लिए तैयार नहीं ਹੈ. चार्जिंग की समस्या अब भी एक बड़ी चुनौती ਹੈ. इसलिए, कंपनी हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पर बहुत ज़ोर दे रही है. हाइब्रिड गाड़ियां (जैसे Grand Vitara) पेट्रोल के साथ-साथ बैटरी पर भी चलती हैं, जिससे प्रदूषण कम होता है और माइलेज शानदार मिलता है.
मारुति का '50% वाला सपना'
अंत में, CEO ने अपना सबसे बड़ा लक्ष्य बताया - भारतीय कार बाजार में 50% की हिस्सेदारी हासिल करना. और यह सपना तभी पूरा हो सकता है, जब कंपनी हर तरह के ग्राहक के लिए, हर बजट में, हर तरह की गाड़ी बनाए - छोटी हैचबैक से लेकर बड़ी SUV और भविष्य की इलेक्ट्रिक कारों तक.
साफ है, मारुति का प्लान किसी एक लहर के साथ बहने का नहीं, बल्कि पूरे समंदर पर राज करने का है.