उम्र 30 पार हो गई? शरीर दे रहा है ये 3 संकेत, आज ही ध्यान नहीं दिया तो कल पछताएंगे!
जवानी की दौड़-भाग में हम अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। 30 और 40 की उम्र तक आते-आते शरीर हमें कुछ संकेत देना शुरू कर देता है - जैसे बेवजह की थकान, कमजोर होती हड्डियां और हॉर्मोन्स का उतार-चढ़ाव। ज्यादातर लोग इसे 'उम्र बढ़ने' की सामान्य प्रक्रिया मानकर टाल देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो यही वह समय है जब आपको अपनी सेहत को लेकर सबसे ज्यादा सतर्क हो जाना चाहिए।
अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में भी आप चुस्त-दुरुस्त और स्वस्थ रहें, तो आपको अपने शरीर की इन तीन चीजों पर आज से ही नजर रखनी होगी।
1. हॉर्मोन्स का खेल: सिर्फ मूड नहीं, सेहत भी बिगाड़ता है
हॉर्मोन्स हमारे शरीर के साइलेंट मैनेजर होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म से लेकर एनर्जी और मूड तक सब कुछ कंट्रोल करते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इनमें उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है, जो कई समस्याओं को जन्म देता है।
- किन पर रखें नजर: थायराइड, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन जैसे हॉर्मोन्स का लेवल जरूर चेक कराते रहें।
- क्यों है जरूरी: हॉर्मोन्स का असंतुलन वजन बढ़ने, बाल झड़ने, हर वक्त थकान महसूस होने और यहां तक कि डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है। समय पर इसकी जांच कराने से आप इन समस्याओं से बच सकते हैं।
2. विटामिन की कमी: खाली हो रहा है शरीर का 'पावर बैंक'
भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के कारण हमारे शरीर में जरूरी विटामिन्स की कमी होने लगती है, खासकर विटामिन डी और बी12 की।
- क्यों हैं ये जरूरी?
- विटामिन डी: यह सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी इम्युनिटी (रोगों से लड़ने की ताकत) के लिए भी बहुत जरूरी है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और आप बार-बार बीमार पड़ते हैं।
- विटामिन बी12: यह आपके दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए 'फ्यूल' की तरह काम करता है। इसकी कमी से याददाश्त कमजोर होना, हाथ-पैरों में झुनझुनी और भयंकर थकान हो सकती है।
- क्या करें: साल में एक बार इन विटामिन्स का टेस्ट जरूर कराएं और डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें।
3. हड्डियों की मजबूती: साइलेंट किलर है 'ऑस्टियोपोरोसिस'
हमारी हड्डियां 30 की उम्र के बाद धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, लेकिन इसका पता तब चलता है जब एक छोटी सी चोट में फ्रैक्चर हो जाता है। इस समस्या को ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं।
- कैसे रखें ध्यान: अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर चीजें जैसे दूध, दही, पनीर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें।
- नियमित जांच: 40 की उम्र के बाद, खासकर महिलाओं को, समय-समय पर बोन डेंसिटी टेस्ट (BMD Test) कराना चाहिए ताकि हड्डियों की कमजोरी का पता शुरुआती स्टेज में ही चल सके।
याद रखिए, उम्र बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन बीमारियों के साथ बूढ़ा होना नहीं। अपनी सेहत में किया गया आज का छोटा सा निवेश, आपके आने वाले कल को स्वस्थ और खुशहाल बना सकता है।