फैजाबाद-इलाहाबाद के बाद अब लखनऊ की बारी, सीएम योगी जल्द बदलेंगे राजधानी का नाम? राजन जी महाराज के दावे से मची खलबली

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News India Live, Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में शहरों के नाम बदलने की प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। ताजा मामला राजधानी लखनऊ का है। प्रख्यात राम कथावाचक राजन जी महाराज ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत जल्द लखनऊ का नाम बदलकर इसे इसके प्राचीन गौरव से जोड़ेंगे।

क्या कहा राजन जी महाराज ने?

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राजन जी महाराज ने कहा कि जिस तरह से योगी सरकार ने फैजाबाद को 'अयोध्या' और इलाहाबाद को 'प्रयागराज' बनाकर उनकी पहचान वापस लौटाई है, उसी तरह लखनऊ का नाम भी बदला जाना चाहिए।

नया नाम क्या होगा?: महाराज के अनुसार, लखनऊ का नाम भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण के नाम पर 'लक्ष्मणपुरी' या 'लखनपुरी' किया जाना चाहिए।

तर्क: उन्होंने कहा कि यह शहर ऐतिहासिक रूप से लक्ष्मण जी द्वारा बसाया गया था, इसलिए गुलामी के प्रतीकों को हटाकर इसे पौराणिक नाम देना जरूरी है।

सरकार का रुख और संकेत

हालांकि, नाम बदलने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक कैबिनेट प्रस्ताव सामने नहीं आया है, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ के पुराने संकेतों ने इन अटकलों को हमेशा जिंदा रखा है।

ट्वीट ने दी थी हवा: कुछ समय पहले सीएम योगी ने लखनऊ आगमन पर एक ट्वीट किया था— "शेष अवतार भगवान श्री लक्ष्मण जी की पावन नगरी लखनऊ में आपका स्वागत है।" 2. लक्ष्मण जी की विशाल प्रतिमा: लखनऊ एयरपोर्ट के बाहर भगवान लक्ष्मण की एक भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे नाम बदलने की दिशा में एक सांस्कृतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय मांग: लखनऊ के कई स्थानीय नेता और हिंदू संगठन लंबे समय से 'लक्ष्मणपुरी' नाम की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

नाम बदलने की इन चर्चाओं पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा और कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि सरकार को नाम बदलने के बजाय बेरोजगारी, महंगाई और विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उनका तर्क है कि नाम बदलने से शहर की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

प्रक्रिया क्या होती है?

किसी भी शहर का नाम बदलने के लिए राज्य कैबिनेट से प्रस्ताव पास करना होता है। इसके बाद इसे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) के पास भेजा जाता है। गृह मंत्रालय से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) मिलने के बाद ही आधिकारिक रूप से नाम बदला जा सकता है।