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April 29 2026 10:40 pm

Yogi Govt Alert : अब चाइनीज मांझा से मौत हुई तो दर्ज होगा हत्या का केस, सीएम योगी का सख्त आदेश

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आने से हुई एक और मौत ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य के आला अधिकारियों को 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाने का निर्देश दिया है। सीएम ने साफ कर दिया है कि यदि इस जानलेवा मांझे के कारण किसी की जान जाती है, तो उसके लिए जिम्मेदार विक्रेता और निर्माता के खिलाफ धारा 302 (अब भारतीय न्याय संहिता के तहत संबंधित धारा) यानी हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।

क्या था पूरा मामला?

लखनऊ में हाल ही में एक व्यक्ति अपनी बाइक से जा रहा था, तभी हवा में झूलते हुए प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने उसका गला रेत दिया। अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद राजधानी समेत पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया, क्योंकि प्रशासन ने पहले से ही इस मांझे की बिक्री पर रोक लगा रखी थी।

सीएम योगी के 3 कड़े निर्देश:

हत्या का मुकदमा: अब तक ऐसे मामलों में धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत केस होता था, जिसमें आसानी से जमानत मिल जाती थी। अब इसे 'हत्या' की श्रेणी में रखा जाएगा।

दुकानों पर छापेमारी: पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे हर पतंग बेचने वाली दुकान की तलाशी लें। यदि कहीं भी सिंथेटिक या चाइनीज मांझा पाया जाता है, तो दुकान को तुरंत सील कर दिया जाए।

एनएसए (NSA) के तहत कार्रवाई: बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले थोक विक्रेताओं पर 'राष्ट्रीय सुरक्षा कानून' (NSA) लगाने पर भी विचार किया जा सकता है।

क्यों जानलेवा है चाइनीज मांझा?

चाइनीज मांझा साधारण सूती धागा नहीं होता, बल्कि यह नायलॉन और प्लास्टिक के धागे से बना होता है, जिस पर कांच और लोहे के चूरे की परत चढ़ाई जाती है।

इलास्टिसिटी: यह धागा आसानी से टूटता नहीं है और खींचने पर चाकू की तरह काम करता है।

पर्यावरण को खतरा: यह नॉन-बायोडिग्रेडेबल है, जिससे पक्षियों और जानवरों की भी बड़ी संख्या में मौत होती है।

आम जनता के लिए अपील

सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस जानलेवा मांझे का उपयोग न करें और यदि कोई इसे बेचता हुआ पाया जाए, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। आपकी एक सतर्कता किसी की जान बचा सकती है।