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April 08 2026 09:37 am

रोटी-ब्रेड खाने के बाद पेट में बनती है गैस और रहती है थकान? हल्के में न लें, ये हो सकते हैं 'ग्लूटेन सेंसिटिविटी' के गंभीर लक्षण!

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अक्सर हम पेट खराब होने, गैस बनने या दिनभर बेवजह थकान महसूस होने को एक आम बात समझकर टाल देते हैं। हमें लगता है कि शायद काम का स्ट्रेस है या बाहर का कुछ उल्टा-सीधा खा लिया होगा। लेकिन, अगर ये परेशानियां लगातार आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं, तो इसका मुख्य कारण 'ग्लूटेन सेंसिटिविटी' (Gluten Sensitivity) हो सकता है।

क्या है ग्लूटेन (Gluten)?

ग्लूटेन मुख्य रूप से एक प्रकार का प्रोटीन है, जो गेहूं, जौ (Barley) और राई (Rye) जैसे अनाजों में पाया जाता है। हम रोजमर्रा में जो रोटी, ब्रेड, पास्ता या बिस्किट खाते हैं, उन सभी में ग्लूटेन मौजूद होता है। जब कुछ लोगों का पाचन तंत्र इस प्रोटीन को आसानी से पचा नहीं पाता है, तो शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है।

आइए जानते हैं ग्लूटेन सेंसिटिविटी के उन 5 प्रमुख लक्षणों के बारे में, जिन्हें आपको बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

बार-बार गैस बनना और पेट फूलना (Bloating): अगर खाना खाने के तुरंत बाद आपका पेट गुब्बारे की तरह फूल जाता है या भयंकर गैस बनती है, तो यह सिर्फ आम एसिडिटी नहीं है। ग्लूटेन पच न पाने के कारण आंतों में खाना सड़ने लगता है, जिससे ब्लोटिंग और भारीपन महसूस होता है।

कब्ज और दस्त की लगातार शिकायत: जब शरीर ग्लूटेन को प्रोसेस नहीं कर पाता, तो इसका सीधा असर आपके बाउल मूवमेंट (Bowel Movement) पर पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति को कभी कब्ज तो कभी दस्त की समस्या होने लगती है और पेट पूरी तरह साफ न होने का एहसास बना रहता है।

बिना वजह हर समय सुस्ती और थकान: रात में 8 घंटे की अच्छी नींद लेने के बावजूद अगर आप दिनभर थका हुआ और कमजोर महसूस करते हैं, तो यह ग्लूटेन सेंसिटिविटी का एक बड़ा लक्षण है। शरीर में ग्लूटेन के कारण होने वाली हल्की सूजन आपके एनर्जी लेवल को पूरी तरह गिरा देती है।

खाने के बाद पेट में भारीपन: कुछ लोगों को थोड़ा सा खाना खाने के बाद ही ऐसा लगता है जैसे पेट बहुत ज्यादा भर गया हो और खाना पच ही नहीं रहा हो। ग्लूटेन सेंसिटिविटी में पाचन की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे यह असहजता बनी रहती है।

मतली और पेट में हल्की ऐंठन: ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील लोगों को अक्सर मतली (Nausea), घबराहट या पेट में मरोड़ और ऐंठन महसूस हो सकती है। इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग या रिएक्शन समझने की भूल न करें।

ग्लूटेन सेंसिटिविटी और सीलिएक डिजीज (Celiac Disease) में है बड़ा अंतर

कई लोग जानकारी के अभाव में ग्लूटेन सेंसिटिविटी और 'सीलिएक डिजीज' को एक ही बीमारी मान लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है। सीलिएक डिजीज एक गंभीर ऑटोइम्यून (Autoimmune) बीमारी है, जिसमें ग्लूटेन खाने से छोटी आंत को स्थायी नुकसान पहुंचता है। वहीं, 'नॉन-सीलिएक ग्लूटेन सेंसिटिविटी' में आंतों को कोई स्थायी नुकसान तो नहीं होता, लेकिन इसके लक्षण आपको शारीरिक रूप से बेहद परेशान कर सकते हैं।

एक्सपर्ट की सलाह:

अगर आपको लंबे समय से ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो इंटरनेट पढ़कर खुद से अपनी डाइट से ग्लूटेन को पूरी तरह न हटाएं। सबसे पहले किसी अच्छे गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट (Gastroenterologist) या डायटीशियन से सलाह लें और सही जांच कराएं। सही समय पर समस्या पकड़ में आने से, डाइट में छोटे बदलाव करके आप एक स्वस्थ और एनर्जेटिक जीवन जी सकते हैं।