Adelaide Murder news : मैने उसे खत्म कर दिया, पर मैं कातिल नहीं हूँ,ऑस्ट्रेलिया में पत्नी की जान लेने वाले पति का अजीब दावा
News India Live, Digital Desk : अक्सर कहा जाता है कि गुस्सा इंसान की अक्ल को ढंक लेता है, लेकिन क्या कोई ऐसा गुस्सा भी हो सकता है जो एक हंसते-खेलते घर को मातम में बदल दे और फिर कोर्ट में खड़े होकर खुद ही सफाई भी पेश करे? ऑस्ट्रेलिया से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न केवल वहां के भारतीय समुदाय, बल्कि कानून की दुनिया को भी हिलाकर रख दिया है।
मामला भारतीय मूल के एक शख्स सजित कुमार पिल्लई का है। उसने अपनी ही पत्नी की जान ली, इस बात को उसने अदालत के सामने कबूल भी किया, लेकिन एक अजीब सी दलील के साथ। सजित का कहना है कि उसने उसे मारा जरूर है, लेकिन यह 'मर्डर' (Murder) यानी सोची-समझी हत्या नहीं है।
ये पूरी कहानी शुरू कहाँ से हुई?
कल्पना कीजिए, एक परिवार जो अपनी रोजी-रोटी और बेहतर भविष्य के लिए परदेस जाकर बसता है। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक रिश्तों की कड़वाहट और रोज के झगड़े एक खौफनाक अंजाम तक पहुँच गए। कोर्ट में जब सजित से पूछा गया, तो उसने वारदात को अंजाम देने की बात मानी, लेकिन वह खुद को 'कातिल' कहलाने से बचता रहा। कानून की भाषा में इसे 'मैन्सलाटर' (Manslaughter) या आवेश में की गई कार्रवाई दिखाने की कोशिश मानी जा रही है।
आम जनता के मन में उठते सवाल?
इस खबर को पढ़ने वाला हर इंसान ये सोच रहा है कि आखिर कोई कैसे इस कदर टूट सकता है कि वह उसी शख्स की जान ले ले जिसे उसने पूरी जिंदगी साथ निभाने का वादा किया था? क्या मानसिक दबाव इतना ज्यादा था? या फिर यह कानूनी सजा से बचने की महज एक चालाकी भरी दलील है?
रिश्तों में बढ़ती दूरियां और ये भयावह नतीजा
आज के दौर में विदेशों में रहने वाले जोड़ों के बीच अकेलापन और मानसिक तनाव एक बड़ी समस्या बन चुका है। अक्सर छोटी-छोटी बातें इतना बड़ा रूप ले लेती हैं कि वापसी का कोई रास्ता नहीं बचता। सजित की कहानी भी कुछ ऐसी ही लग रही है, जहाँ आवेश के एक पल ने दो परिवारों की दुनिया हमेशा के लिए उजाड़ दी। अब मामला कोर्ट में है और हर किसी की नजर इस पर टिकी है कि कानून इस दलील को कैसे देखता है।
अक्सर ऐसे वाकये हमें डराते हैं, लेकिन ये सोचने पर भी मजबूर करते हैं कि क्या संवाद की कमी किसी इंसान को इतना मजबूर बना सकती है कि वह कानून की परवाह करना ही छोड़ दे?