Actress Kumkum : वो हीरोइन जिसे गुरु दत्त ने बनाया स्टार, लेकिन उसने शोहरत छोड़कर चुनी गुमनामी की जिंदगी

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News India Live, Digital Desk: ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के दौर में एक चेहरा ऐसा था, जिसकी खूबसूरती और अदाओं ने लाखों लोगों को अपना दीवाना बना दिया था। जब भी रेडियो पर गाना बजता था, "कभी आर, कभी पार, लागा तीरे-नज़र," तो लोगों के जहन में बस उसी एक्ट्रेस की तस्वीर उभरती थी। हम बात कर रहे हैं अपने जमाने की मशहूर और खूबसूरत अदाकारा कुमकुम की।

कुमकुम का चेहरा जितना दिलकश था, उनकी जिंदगी की कहानी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी और दिलचस्प थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि पर्दे पर चहकने वाली इस अदाकारा का असली नाम जैबुन्निसा था और वह एक शाही परिवार से ताल्लुक रखती थीं।

नवाब की बेटी, जिसने देखे मुश्किल दिन

कुमकुम का जन्म बिहार के हुसैनाबाद में एक बेहद अमीर नवाब परिवार में हुआ था। उनके पिता हुसैनाबाद के नवाब थे। जिंदगी किसी खूबसूरत सपने की तरह थी, लेकिन फिर देश का बंटवारा हुआ और उनकी जिंदगी में एक ऐसा तूफान आया जिसने सब कुछ बदलकर रख दिया। बंटवारे के बाद, कुमकुम के पिता अपना सब कुछ छोड़कर पाकिस्तान चले गए, लेकिन उनकी मां ने अपनी बेटी के साथ भारत में ही रहने का फैसला किया। शाही ठाठ-बाट में पली-बढ़ी जैबुन्निसा के लिए यह मुश्किलों की शुरुआत थी।

एक इत्तेफाक ने बनाया स्टार

परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए जैबुन्निसा ने फिल्मों का रुख किया। कहते हैं कि उनकी मुलाकात महान एक्टर-डायरेक्टर गुरु दत्त से हुई, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपनी फिल्म 'आर पार' (1954) के गाने "कभी आर, कभी पार" में एक छोटा सा रोल दिया। यह गाना इतना बड़ा हिट हुआ कि लोग उस गुमनाम सी लड़की को "आर पार गर्ल" के नाम से जानने लगे। यहीं से जैबुन्निसा को उनका फिल्मी नाम कुमकुम मिला।

जब करियर ने पकड़ी रफ्तार

इस एक गाने के बाद कुमकुम ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 'मदर इंडिया', 'प्यासा', 'नया दौर', 'कोहिनूर' और 'आंखें' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। किशोर कुमार के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। फिल्म 'हावड़ा ब्रिज' का गाना "मेरा नाम चिन चिन चू" हो या "मधुबन में राधिका नाचे रे" पर उनका क्लासिकल डांस, उन्होंने हर किरदार में अपनी छाप छोड़ी।

चकाचौंध से दूर एक गुमनाम जिंदगी

जब कुमकुम का करियर अपनी बुलंदी पर था, तब उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने एक NRI से शादी कर ली और फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध भरी दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। वह अपने परिवार के साथ सऊदी अरब में बस गईं और फिर कभी पर्दे पर नजर नहीं आईं।

सालों तक गुमनामी की जिंदगी जीने के बाद, साल 2020 में 86 साल की उम्र में कुमकुम ने मुंबई में अपनी आखिरी सांस ली। नवाब की बेटी से लेकर बॉलीवुड की टॉप हीरोइन बनने और फिर एक गृहिणी के रूप में गुमनाम हो जाने तक, कुमकुम की जिंदगी खुद एक पूरी फिल्म की कहानी थी।