पटना में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात गायब बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिला, क्या ये तंत्र-मंत्र की बलि का खौफनाक अंत है?

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News India Live, Digital Desk : इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन पटना से जो खबर सामने आई है उसने हर सुनने वाले के मन में सिहरन पैदा कर दी है। मामला राजधानी के बेउर थाना इलाके का है, जहाँ एक मासूम बच्चे के साथ ऐसी क्रूरता हुई जिसे सुनकर आपका कलेजा मुँह को आ जाए। पिछले कुछ दिनों से गायब एक 7 साल के मासूम का सिर कटा हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया है।

अक्सर हम फिल्मों में या पुरानी कहानियों में तंत्र-मंत्र और 'मानव बलि' (Human Sacrifice) जैसी बातों के बारे में सुनते थे, लेकिन इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आज भी कुछ लोग इतने अंधे हो सकते हैं?

कैसे हुई वारदात?
जानकारी के मुताबिक, बच्चा कुछ दिनों से अपने घर से लापता था। घरवाले और पुलिस उसकी तलाश में जुटे थे, तभी पास के ही एक सुनसान इलाके से उसकी लाश मिली। लाश की हालत देखकर ही अंदाज़ा लगाया जा सकता था कि हत्यारा कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि बेहद ही बीमार मानसिकता का शिकार रहा होगा। शरीर से सिर का अलग होना और जिस तरीके से शव मिला, उसने स्थानीय लोगों और यहाँ तक कि पुलिस को भी शक करने पर मजबूर कर दिया कि इसके पीछे कोई तांत्रिक अनुष्ठान या अंधविश्वास का चक्कर तो नहीं।

इलाके में फैला खौफ और आक्रोश
जैसे ही यह खबर फैली, बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। कोई भी इस दर्द का अंदाज़ा नहीं लगा सकता कि एक छोटा सा बच्चा, जिसका पूरा भविष्य अभी सामने था, वह ऐसी घिनौनी वारदात का शिकार बन गया। गाँव और आसपास के लोग गुस्से में हैं और प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग कर रहे हैं उन दरिंदों को ढूँढा जाए जिन्होंने एक मासूम की ज़िंदगी खत्म कर दी।

पुलिस की जाँच में क्या मिला?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जाँच की सुई तंत्र-मंत्र के साथ-साथ निजी दुश्मनी की ओर भी घूम रही है। पुलिस आसपास के संदिग्धों और कथित तांत्रिकों से पूछताछ कर रही है। फ़िलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है ताकि मौत की सही वजह और समय का पता चल सके।

समाज के रूप में यह घटना हमें डराती भी है और सतर्क भी करती है। क्या हम इतने बड़े शहरों में रहते हुए भी इन रूढ़ियों और अंधविश्वास से बाहर नहीं निकल पाए हैं? इस मासूम को अब इंसाफ की दरकार है और लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही उस गुनहगार को बेनकाब करेगा जिसने पटना को इस खौफनाक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया।