BREAKING:
April 14 2026 01:17 pm

संसद में दिखा दुर्लभ नजारा पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच हुई खास मुलाकात, एक साथ दी ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि

Post

News India Live, Digital Desk: राजनीति के मैदान में भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक-दूसरे के धुर विरोधी नजर आते हों, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद भवन से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने सबको हैरान कर दिया। महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर संसद परिसर में पीएम मोदी और राहुल गांधी का आमना-सामना हुआ। दोनों नेताओं ने न केवल एक-दूसरे का अभिवादन किया, बल्कि कुछ पल रुककर संक्षिप्त बातचीत भी की।

विरोध के बीच शिष्टाचार की मिसाल

संसद में आमतौर पर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है, लेकिन आज का माहौल कुछ अलग था। महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी और विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी जब एक साथ खड़े नजर आए, तो वहां मौजूद अन्य सांसद और मीडियाकर्मी भी दंग रह गए। दोनों नेताओं के चेहरों पर मुस्कान थी और उन्होंने पूरी गरिमा के साथ एक-दूसरे का स्वागत किया। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर दिखाए गए इस शिष्टाचार की सोशल मीडिया पर भी काफी सराहना हो रही है।

महात्मा ज्योतिबा फुले को किया नमन

इस मुलाकात का मुख्य केंद्र समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती थी। पीएम मोदी ने इस मौके पर उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि फुले का जीवन गरीबों और पिछड़ों के उत्थान के लिए समर्पित था। वहीं, राहुल गांधी ने भी उन्हें नमन करते हुए समाज में समानता और शिक्षा की अलख जगाने वाला महापुरुष बताया। दोनों ही नेताओं ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और भारत के निर्माण में फुले के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'संसदीय गरिमा'

जैसे ही इस मुलाकात की तस्वीरें और वीडियो सामने आए, इंटरनेट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। लोग इसे भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती बता रहे हैं। लंबे समय बाद यह पहला मौका है जब दोनों दिग्गज नेता सार्वजनिक रूप से इतने सहज अंदाज में मिले हैं। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह एक औपचारिक मुलाकात थी, लेकिन चुनावी सरगर्मी और संसद के भीतर जारी गतिरोध के बीच इस 'रेयर मोमेंट' ने सकारात्मक संदेश देने का काम किया है।