कैरेबियन की मिट्टी से उठकर बुलंदियों तक ,साल 2025 के अंत में याद आ रहे हैं क्रिकेट के वो यादगार पल
News India Live, Digital Desk : क्रिकेट भारत में सिर्फ एक खेल नहीं, एक जज्बात है। और जब जज्बात को सालों का लंबा इंतज़ार मिल जाए, तो जीत का स्वाद दोगुना हो जाता है। आज साल 2025 की विदाई के वक्त अगर हम मुड़कर देखें, तो यह दौर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 'मील का पत्थर' साबित हुआ है। हमने सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि हमने दुनिया को यह बताया कि जब पुराना दौर थमता है, तो नया सूरज और भी तेज़ी से चमकता है।
वो 11 साल की कसक और रोहित के आँसू
हम सबको याद है 2013 के बाद से आईसीसी ट्रॉफियों का वो लंबा सूखा। कई फाइनल और कई सेमीफाइनल में हार का दर्द सहने के बाद, कैरेबियन धरती पर जब टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप (T20 World Cup) की ट्रॉफी उठाई, तो पूरा भारत रो पड़ा था। वह जीत सिर्फ 11 खिलाड़ियों की नहीं थी, बल्कि रोहित शर्मा के उन पसीने से भीगे सालों की थी जिन्होंने टीम को अपनी बांहों में सहेजकर रखा था।
विराट-रोहित का अंत: एक युग की समाप्ति
साल 2024 के अंत और 2025 की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े खंभे—रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20आई से दूरी बना ली। यह फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं था, लेकिन यह सन्यास एक सुकून के साथ आया था। वे अपने पीछे ऐसी टीम छोड़कर गए हैं जो आज किसी भी परिस्थिति में विपक्षी टीम की आँखें नीचे करा सकती है। इन दिग्गजों की विदाई भावुक जरूर थी, पर ट्रॉफी के साथ जाना एक शानदार 'क्लाइमेक्स' रहा।
युवाओं की फौज: तैयार है भारत का कल
ट्रॉफी तो आई, लेकिन इस दौरान जो सबसे सुखद अनुभव रहा वो था युवाओं का निखरकर आना। शुभमन गिल का क्लास, यशस्वी जायसवाल की बेबाक बल्लेबाजी और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों ने यह साफ कर दिया कि भारतीय बेंच स्ट्रेंथ आज दुनिया में नंबर वन है। यह नई पीढ़ी सिर्फ क्रिकेट नहीं खेलती, बल्कि 'निडर क्रिकेट' खेलती है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में युवा टीम का उत्साह यह बताता है कि आने वाले कई साल भारत के रहने वाले हैं।
जसप्रीत बुमराह: टीम का 'साइलेंट वॉरियर'
जब भी इतिहास लिखा जाएगा, इस दौर के असली नायक जसप्रीत बुमराह होंगे। दुनिया का सबसे बेहतरीन गेंदबाज होने का रुतबा उन्होंने सिर्फ मैदान पर नहीं दिखाया, बल्कि मुश्किल वक्त में हारते हुए मैचों को जिस तरह मोड़ा, उसने बुमराह को एक 'कल्ट फिगर' बना दिया है।
2026 की राह और नया लक्ष्य
आज 31 दिसंबर को जब हम ये बात कर रहे हैं, तो सामने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आगामी विश्व कप 2026 की चुनौतियाँ खड़ी हैं। लेकिन भारतीय फैंस के मन में अब कोई डर नहीं है। हमने वह बाधा पार कर ली है जिसे हम सालों से नहीं कर पा रहे थे। कोच गौतम गंभीर की आक्रामक रणनीति और युवाओं का जोश भारतीय टीम को एक ऐसी यूनिट बना चुका है जहाँ हर खिलाड़ी मैच विनर है।