बेटियों के बैंक खाते में धनाधन पहुँच रही मदद ,योगी सरकार ने कन्या सुमंगला योजना पर खर्च किए 647 करोड़
News India Live, Digital Desk : एक दौर था जब घर में बेटी का जन्म होता था, तो खुशी के साथ-साथ माथे पर थोड़ी चिंता की लकीरें भी आ जाती थीं। चिंता उसकी पढ़ाई की, उसके स्वास्थ्य की और उसकी शादी की। लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस चिंता को खत्म करने का बीड़ा उठाया हुआ है।
हाल ही में सामने आए सरकारी आंकड़े बता रहे हैं कि 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' (MKSY) केवल नाम की योजना नहीं है, बल्कि यह वाकई गरीब परिवारों के लिए 'संजीवनी' बन गई है।
सरकार ने खोले दिल और तिजोरी के दरवाजे
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, योगी सरकार ने इस वित्त वर्ष में इस योजना पर अब तक 647 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। यह कोई छोटी-मोटी रकम नहीं है। इसका सीधा फायदा प्रदेश की लाखों बेटियों को मिला है। सरकार का मकसद साफ़ है—पैसे की कमी की वजह से किसी भी बेटी की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए।
कब-कब मिलता है पैसा?
जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि यह पैसा एक बार में नहीं, बल्कि बेटी के बड़े होने के साथ-साथ 6 चरणों (Installments) में मिलता है।
जन्म के समय से लेकर, उसके टीकाकरण, फिर पहली कक्षा में दाखिला, छठी क्लास, नौवीं क्लास और आखिर में जब वो ग्रेजुएशन या कोई डिप्लोमा करती है, तब तक सरकार पैसे भेजती रहती है।
आपको बता दें कि अब इस योजना के तहत कुल राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है (जो पहले 15 हजार थी).
सिर्फ पैसा नहीं, सोच बदली है
इस 647 करोड़ रुपये के खर्च के पीछे सरकार की एक बड़ी सोच काम कर रही है— लिंग अनुपात (Sex Ratio) को सुधारना। जब सरकार हर कदम पर पैसे देती है, तो परिवार वालों को बेटी बोझ नहीं लगती। वो उसे पढ़ाते भी हैं और उसकी सेहत का ध्यान भी रखते हैं।
इस साल भी हज़ारों नई बच्चियों को इस योजना से जोड़ा गया है। अगर हम कुल आंकड़ों की बात करें, तो प्रदेश में 19 लाख से ज्यादा बेटियाँ इसका लाभ उठा चुकी हैं।
तो भाई, देर किस बात की?
अगर आप भी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और आपके घर में भी लाडली है, तो चेक कर लीजिये कि आपने इस योजना का फॉर्म भरा है या नहीं। सरकार पैसा देने को तैयार है, बस आपको हाथ आगे बढ़ाना है। यह पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT) आता है, यानी बीच में कोई दलाली नहीं।
वाकई, 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का इससे बेहतर उदाहरण और क्या हो सकता है?