आपकी थाली और आपकी आदतें तय करेंगी आपका भविष्य, डॉक्टर ने बताईं काम की बातें
अक्सर हम पुरुष अपनी सेहत को लेकर थोड़े लापरवाह हो जाते हैं। जब तक कोई बड़ी दिक्कत न हो, हम डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं। लेकिन कुछ बीमारियाँ ऐसी होती हैं, जिनके बारे में अगर समय पर जान लिया जाए, तो हम उनसे आसानी से बच सकते हैं। ऐसी ही एक बीमारी है प्रोस्टेट कैंसर।
सितंबर का महीना 'प्रोस्टेट कैंसर जागरूकता माह' के रूप में मनाया जाता है। इसका मकसद डराना नहीं, बल्कि पुरुषों को जागरूक करना है। अच्छी खबर यह है कि हमारी जीवनशैली की कुछ छोटी-छोटी आदतें हमें इस बीमारी के खतरे से काफी हद तक दूर रख सकती हैं। चलिए, आज जानते हैं वो 7 आसान उपाय जो डॉक्टर भी बताते हैं।
1. अपनी थाली को बनाइए अपना 'सुरक्षा कवच'
आप जो खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। अपनी डाइट में कुछ रंग-बिरंगी चीजें ज़रूर शामिल करें:
- लाल रंग: टमाटर, तरबूज, पपीता जैसी चीजें खूब खाएं। इनमें 'लाइकोपीन' नाम का एक तत्व होता है, जो प्रोस्टेट का सबसे बड़ा दोस्त है।
- हरा रंग: हरी पत्तेदार सब्ज़ियां और ब्रोकली (हरी गोभी) को अपनी थाली में जगह दें।
- अन्य चीजें: सोयाबीन, ग्रीन टी और अनार भी बहुत फायदेमंद हैं।
2. थोड़ा 'चलना-फिरना' है बहुत ज़रूरी
आपको जिम में जाकर घंटों पसीना बहाने की ज़रूरत नहीं है। रोज़ सिर्फ 30 मिनट की तेज चाल (brisk walk), हल्की-फुल्की दौड़ या योग भी आपके शरीर के लिए चमत्कार कर सकता है। एक्टिव रहने से शरीर की रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
3. वज़न पर रखिए नज़र
बढ़ा हुआ वज़न, खासकर पेट के आसपास की चर्बी, कई बीमारियों की जड़ है, जिसमें प्रोस्टेट कैंसर भी शामिल है। अपने वज़न को कंट्रोल में रखना बहुत ज़रूरी है।
4. धूम्रपान और शराब को कहें 'ना'
यह बात शायद आपको हज़ार बार बताई गई होगी, लेकिन यह सच है। धूम्रपान और बहुत ज़्यादा शराब का सेवन शरीर के अंदर कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने का मौका देता है। इसे कम करना या छोड़ देना ही सबसे अच्छा विकल्प है।
5. भरपूर नींद लें
भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम सबसे ज़्यादा कटौती अपनी नींद में करते हैं। रोज़ रात 7-8 घंटे की गहरी नींद आपके शरीर को अंदर से 'रिपेयर' करने का काम करती है और आपको स्वस्थ रखती है।
6. तनाव को कहें टाटा-बाय-बाय
लगातार तनाव में रहने से शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है। योग, ध्यान (meditation) या अपने पसंदीदा काम करके तनाव को खुद से दूर रखें।
7. शर्माइए नहीं, डॉक्टर से मिलिए
यह सबसे ज़रूरी बात है। 45-50 की उम्र के बाद साल में एक बार डॉक्टर से मिलकर रूटीन चेक-अप ज़रूर कराएं। अगर प्रोस्टेट से जुड़ी कोई समस्या शुरू हो भी रही होगी, तो वह शुरुआती दौर में ही पकड़ में आ जाएगी और उसका इलाज बहुत आसान हो जाएगा।
याद रखिए, आपकी सेहत आपके और आपके परिवार के लिए सबसे बड़ी दौलत है। इसकी देखभाल करना आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है।