क्रिकेट जगत के लिए चमत्कार ऑस्ट्रेलिया के इस दिग्गज ने अस्पताल से लौटकर जो कहा, उसे सुनकर आपकी आंखें भर आएंगी
News India Live, Digital Desk : अगर आप 90 के दशक और 2000 की शुरुआत वाली क्रिकेट के शौकीन रहे हैं, तो ऑस्ट्रेलिया का वो क्लासिकल बल्लेबाज डेमियन मार्टिन (Damien Martyn) आपको जरूर याद होगा। वो खिलाड़ी जो चौके-छक्के मारने से ज्यादा अपनी टाइमिंग और नजाकत के लिए जाना जाता था। हाल ही में इस दिग्गज खिलाड़ी के साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरी क्रिकेट दुनिया की धड़कनें कुछ पल के लिए रोक दी थीं।
लेकिन अब, हम सब के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। डेमियन मार्टिन "मौत के जबड़े" से निकलकर वापस अपने घर, अपने परिवार के बीच आ गए हैं।
"सब कुछ मेरे हाथ से निकल गया था..."
जरा सोचिए, एक फिट खिलाड़ी को अचानक ऐसा लगे कि अब जिंदगी उसके बस में नहीं रही। अस्पताल के बिस्तर पर लेटे मार्टिन ने शायद अपनी जिंदगी का सबसे मुश्किल मैच खेला है। घर लौटने के बाद उन्होंने जो शब्द कहे, वो रोंगटे खड़े करने वाले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी तबियत इतनी बिगड़ गई थी कि एक पल के लिए उन्हें लगा जैसे "मेरी जिंदगी मेरे हाथों से ले ली गई है।"
यह वो अहसास है जब इंसान पूरी तरह बेबस हो जाता है और सिर्फ दुआओं और डॉक्टरों के भरोसे रहता है।
एक 'चमत्कार' और घर वापसी
मार्टिन ने अपनी इस रिकवरी को किसी 'चमत्कार' से कम नहीं बताया। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ और उन डॉक्टरों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने दिन-रात एक करके उन्हें बचाया। मार्टिन ने कहा कि वो लोग इंसान नहीं, बल्कि "फरिश्ते" हैं।
सबसे भावुक पल तो वो था जब उन्होंने घर आकर अपनी एक तस्वीर साझा की। उस तस्वीर में वो अपने प्यारे कुत्ते (Dog) को गले लगाते नजर आ रहे हैं। उस तस्वीर में न कोई ग्लैमर था, न क्रिकेट का शोर—थी तो बस "जिंदा होने" की ख़ुशी और अपनों के पास होने का सुकून।
जीवन कितना अनमोल है
डेमियन मार्टिन की यह खबर हमें भी एक सबक देती है कि हम चाहे कितने भी बड़े स्टार क्यों न हो जाएं, जिंदगी बहुत नाजुक है। उनके लाखों फैंस और पूर्व साथी खिलाड़ी सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। वाकई, जब आपका कोई पसंदीदा सितारा इतनी बड़ी मुसीबत से बाहर आता है, तो दिल से एक ही आवाज निकलती है शुक्र है, वो ठीक हैं!