किसी की जान बचा सकता है आपका 1 मिनट, स्ट्रोक के इन 4 लक्षणों को पहचानना सीख लीजिए
News India Live, Digital Desk : अक्सर हम हार्ट अटैक के बारे में तो सुनते और बात करते हैं, लेकिन 'ब्रेन अटैक' या 'ब्रेन स्ट्रोक' (Brain Stroke) के बारे में हमारी जानकारी बहुत कम होती है। यह एक ऐसी खतरनाक मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें अगर सही समय पर इलाज न मिले, तो व्यक्ति की जान जा सकती है या वह जीवन भर के लिए अपाहिज हो सकता है।
स्ट्रोक तब होता है जब हमारे दिमाग के किसी हिस्से में खून की सप्लाई अचानक रुक जाती है, जिससे दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि स्ट्रोक आने से ठीक पहले हमारा शरीर कुछ स्पष्ट संकेत देता है। अगर हम इन संकेतों को समय पर पहचान लें, तो हम न केवल अपनी, बल्कि किसी अपने की जान भी बचा सकते हैं।
इन लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है F.A.S.T. फॉर्मूला।
F.A.S.T. फॉर्मूला क्या है? इसे दिमाग में बैठा लें
F - Face (चेहरे का टेढ़ा होना)
- स्ट्रोक का सबसे पहला और आम लक्षण है चेहरे के एक हिस्से का लटक जाना या टेढ़ा हो जाना।
- कैसे पहचानें: व्यक्ति को मुस्कुराने के लिए कहें। अगर मुस्कुराते हुए उसका चेहरा एक तरफ से लटक जाए या एक तरफ का हिस्सा ठीक से न हिले, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।
A - Arms (हाथों का सुन्न होना या कमजोर पड़ना)
- स्ट्रोक के दौरान शरीर के एक तरफ के हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं या उनमें अचानक बहुत कमजोरी आ जाती है।
- कैसे पहचानें: व्यक्ति को दोनों हाथ ऊपर उठाने के लिए कहें। अगर वह एक हाथ को ठीक से ऊपर नहीं उठा पा रहा है या एक हाथ अपने आप नीचे की ओर गिरने लगे, तो यह खतरे की घंटी है।
S - Speech (बोलने में दिक्कत)
- स्ट्रोक का असर व्यक्ति की बोलने की क्षमता पर भी पड़ता है। उसकी आवाज अचानक लड़खड़ाने लगती है या वह साफ-साफ बोल नहीं पाता।
- कैसे पहचानें: व्यक्ति को कोई भी एक साधारण वाक्य, जैसे "आज मौसम अच्छा है," दोहराने के लिए कहें। अगर वह इसे ठीक से बोल नहीं पा रहा है या उसकी जुबान लड़खड़ा रही है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।
T - Time (समय... तुरंत अस्पताल ले जाएं)
- यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। अगर आपको ऊपर दिए गए तीन में से कोई भी एक लक्षण दिखाई दे, तो एक सेकंड भी बर्बाद न करें। यह सोचने में समय न गंवाएं कि यह अपने आप ठीक हो जाएगा।
- तुरंत एम्बुलेंस को फोन करें या मरीज को गाड़ी में डालकर नजदीकी ऐसे अस्पताल ले जाएं जहां स्ट्रोक के इलाज की सुविधा हो।
'गोल्डन आवर' है सबसे कीमती
डॉक्टरों के अनुसार, स्ट्रोक आने के बाद शुरुआती 3 से 4 घंटे 'गोल्डन आवर' कहलाते हैं। अगर इस समय के अंदर मरीज को सही इलाज मिल जाए, तो दिमाग को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है और उसके पूरी तरह ठीक होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
आपकी थोड़ी सी जागरूकता और सही समय पर लिया गया फैसला किसी की जिंदगी बचा सकता है। इसलिए, F.A.S.T. के इन लक्षणों को खुद भी याद रखें और अपने परिवार वालों को भी जरूर बताएं।