किराए के मकान से मिलेगा छुटकारा! वाराणसी में शुरू हो रही हैं 5 नई आवासीय योजनाएं, अब अपना घर होगा हकीकत

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News India Live, Digital Desk : हर इंसान की जिंदगी में एक ही सबसे बड़ी ख्वाहिश होती है "सिर पर अपनी छत हो और सुकून का एक छोटा सा घर हो।" अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, और खासकर वाराणसी (काशी) में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।

अक्सर हम देखते हैं कि लोग जमीन खरीदने के चक्कर में गलत जगह फंस जाते हैं, या फिर फ्लैट्स की कीमतें इतनी ज्यादा होती हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती हैं। लेकिन, अब वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने आम लोगों की इस परेशानी को दूर करने के लिए कमर कस ली है।

ताजा खबर यह है कि वाराणसी में एक-दो नहीं, बल्कि पूरी पाँच (5) नई आवासीय योजनाएं (Residential Projects) शुरू होने जा रही हैं।

क्या है यह पूरी योजना?

वाराणसी अब सिर्फ धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि एक मॉडल सिटी बन रही है। चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर और रिंग रोड ने शहर की तस्वीर बदल दी है। इसी विकास को देखते हुए वीडीए ने तय किया है कि शहर के विस्तार के लिए नए इलाकों में टाउनशिप बसाई जाएं।

हाल ही में हुई वीडीए की बोर्ड बैठक में इन 5 नई योजनाओं को मंजूरी (Green Signal) मिल गई है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपको सरकारी भरोसे के साथ विकसित (Developed) प्लॉट या फ्लैट मिलेंगे। यानी अवैध कॉलोनियों का डर खत्म।

किस तरफ बसेगा नया बनारस?

अब आप सोच रहे होंगे कि ये प्रोजेक्ट्स कहां आएंगे? तो आपको बता दें कि ज्यादा फोकस रिंग रोड (Ring Road) के आसपास के इलाकों पर है। रिंग रोड फेज-2 के किनारे टाउन प्लानिंग स्कीम (TPS) के तहत इन योजनाओं को विकसित किया जाएगा।

इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

  • चौड़ी और पक्की सड़कें।
  • बच्चों के लिए पार्क और खेल के मैदान।
  • सीवर लाइन और बिजली-पानी की पक्की व्यवस्था।
  • सुरक्षित वातावरण।

किसानों और आम आदमी, दोनों का फायदा

इन प्रोजेक्ट्स की खास बात यह है कि इनमें 'लैंड पूलिंग स्कीम' (Land Pooling) का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी जिनकी जमीन ली जाएगी, उन्हें भी विकसित होने के बाद उसी प्रोजेक्ट में कुछ हिस्सा दिया जाएगा। इससे जमीन का विवाद भी नहीं होगा और शहर का विकास भी तेजी से होगा।

प्रशासन की कोशिश है कि शहर के अंदर जो भीड़भाड़ बढ़ गई है, उसे कम किया जाए और लोगों को शहर के बाहरी (Outskirts) लेकिन अच्छी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में रहने का मौका मिले।

आगे क्या करना है?

अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं या अपने परिवार के लिए घर देख रहे हैं, तो थोड़ा सतर्क रहें। वीडीए जल्द ही इन योजनाओं का विस्तृत नक्शा (Map) और बुकिंग की जानकारी सार्वजनिक करेगा। सरकारी योजना में पैसा लगाना प्राइवेट बिल्डर के मुकाबले हमेशा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

तो बस, अपने दस्तावेजों और जमा-पूंजी को तैयार रखिए। हो सकता है कि 2026 में बाबा विश्वनाथ की नगरी में आपकी नेमप्लेट वाला घर बनकर तैयार हो जाए!