यूपी में टर्चर वाली ठंड, मेरठ और मुजफ्फरनगर का हाल देख कांप उठे लोग, घर से निकलना हुआ मुहाल
News India Live, Digital Desk : मकर संक्रांति के आसपास ठंड बढ़ती जरूर है, लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश में सर्दी ने जो तेवर दिखाए हैं, उसने अच्छे-अच्छों की बोलती बंद कर दी है। सुबह-सुबह घर से निकलने की हिम्मत नहीं हो रही और रात में रजाई भी मानो ठंडी पड़ गई है। अगर आप पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) में रहते हैं, तो मेरा दर्द आप बखूबी समझ रहे होंगे।
ताजा ख़बरों ने तो सबको चौंका कर रख दिया है। यूपी के कुछ जिलों में तापमान इतना नीचे गिर गया है कि वहां के हालात पहाड़ी इलाकों जैसे हो गए हैं।
मुजफ्फरनगर और मेरठ में 'डीप फ्रीजर' जैसे हालात
खबर है कि मुजफ्फरनगर और मेरठ में ठंड ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड्स को चुनौती दे दी है। इन शहरों में न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) लुढ़कते-लुढ़कते 2 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।
जरा सोचिए, 2 डिग्री तापमान! यह वही तापमान है जिसमें पानी बर्फ बनने की कगार पर होता है। लोग कह रहे हैं कि "अब बस आसमान से बर्फ गिरना ही बाकी रह गया है, ठंड तो पूरी शिमला वाली है।" इन इलाकों में हाथ-पैर सुन्न हो रहे हैं और बिना हीटर या अलाव (Bonfire) के बैठना नामुमकिन हो गया है।
पश्चिमी यूपी क्यों कांप रहा है?
असल में, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद वहां से जो बर्फीली हवाएं (Icy Winds) आ रही हैं, वे सीधी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से टकरा रही हैं। इसी वजह से मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और आसपास के जिलों में 'कोल्ड वेव' यानी भयंकर शीत लहर चल रही है।
सूरज देवता के दर्शन तो दुर्लभ हो गए हैं, और अगर धूप निकलती भी है, तो उस धूप में वो गरमाहट नहीं है जो सर्दी भगा सके।
कोहरे (Fog) ने बढ़ाई मुसीबत
सिर्फ़ ठंड ही नहीं, कोहरे ने भी नाक में दम कर रखा है। सुबह और रात के वक्त 'विजिबिलिटी' (दृश्यता) इतनी कम हो रही है कि 10 मीटर दूर देखना भी मुश्किल है। गाड़ियां सड़कों पर रेंग रही हैं और ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों को परेशान कर रखा है।
सावधानी ही बचाव है (Health Tips)
मौसम विभाग का कहना है कि अभी एक-दो दिन राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में मेरी आप सबको यही सलाह है:
- लेयर्स में कपड़े पहनें: एक मोटे जैकेट से बेहतर है कि आप दो-तीन पतले गर्म कपड़े एक के ऊपर एक पहनें। यह ठंड रोकने में ज्यादा असरदार है।
- बुजुर्गों और बच्चों का ध्यान: यह 2 डिग्री वाला तापमान बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्हें सुबह की ठंडी हवा से बचाएं।
- ड्राइविंग में संभलकर: अगर कोहरा है, तो फोग लाइट्स (Fog Lights) का इस्तेमाल करें और रफ़्तार धीमी रखें।
फिलहाल, तो गरमा-गरम चाय और पकौड़ों का सहारा लीजिये और रजाई में सुरक्षित रहिये, क्योंकि यूपी की सर्दी अभी 'फुल फॉर्म' में है!