ट्रैफिक जाम की आफत से मिलेगी परमानेंट छुट्टी, रांची से जमशेदपुर तक, जानें कब शुरू होगा मेट्रो का सफर?

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News India Live, Digital Desk :  कहते हैं कि जब किसी शहर में मेट्रो आती है, तो सिर्फ ट्रेन नहीं चलती, बल्कि उस शहर की पूरी किस्मत बदल जाती है। रांची, धनबाद और जमशेदपुर झारखंड के ये तीन वो शहर हैं जहाँ की आबादी और बढ़ते ट्रैफिक ने अब कुछ बड़े और हाई-टेक समाधान की मांग की थी। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही खबर आई है कि झारखंड मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पर काम अंतिम चरणों में है।

क्या है मेट्रो का ताजा हाल?
काफी समय से झारखंड में लोग पूछ रहे थे कि "आखिर मेट्रो कब आएगी?"। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, रांची में मेट्रो का जो रूट मैप (Route Map) तैयार किया जा रहा है, वह शहर के सबसे व्यस्त इलाकों को कवर करेगा। वहीं, धनबाद और जमशेदपुर (जमशेदपुर को टाटा नगर भी कहा जाता है) में भी सर्वे की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। यहाँ मकसद यह है कि इंडस्ट्रियल हब और रिहायशी इलाकों के बीच की दूरी को तकनीक से जोड़ा जाए।

रूट मैप में क्या है खास?
अगर हम रांची की बात करें, तो स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट और मुख्य व्यापारिक केंद्रों को पहले फेज में जोड़ने की बात चल रही है। जमशेदपुर में टाटा स्टील की पुरानी विरासत के बीच एक मॉडर्न ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाना एक चुनौती ज़रूर है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इसका रूट शहर की रीढ़ यानी 'कनेक्टिविटी' को मजबूत करेगा। धनबाद, जिसे हम 'कोयला राजधानी' कहते हैं, वहां मेट्रो न केवल धूल-धक्कड़ वाले ट्रैफिक से राहत देगी बल्कि छात्रों और वर्किंग प्रोफेशनल के लिए भी वरदान साबित होगी।

आम जनता को क्या मिलेगा?
सोचिए, ऑफिस जाने के लिए आपको आधे घंटे पहले नहीं निकलना होगा और पसीने में लथपथ होने की टेंशन भी नहीं रहेगी। मेट्रो आने से शहर के उन बाहरी इलाकों का भी विकास होगा जो अभी तक दूर लगते थे। साथ ही, रीयल एस्टेट की कीमतों में उछाल और व्यापार के नए मौकों का रास्ता भी खुलेगा।

अभी जमीन अधिग्रहण और फंड मैनेजमेंट पर सरकार की चर्चा चल रही है, लेकिन 2026 का यह साल झारखंड की लाइफस्टाइल के लिए 'टर्निंग पॉइंट' होने वाला है। तो कमर कस लीजिए, बहुत जल्द आप झारखंड की धरती पर आधुनिकता की गूँज सुनेंगे!